नई दिल्ली: राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) की एक बैठक के बाद केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि कई संप्रभु और पेंशन कोष के निवेश प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनआईआईएफ शासकीय परिषद की बैठक अगले साल मार्च में फिर होगी, जिसमें इस दिशा में हुई प्रगति पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया से कई संप्रभु और पेंशन कोषों ने एनआईआईएफ में शामिल होने में रुचि दिखाई है।"
एनआईआईएफ के शासकीय परिषद की बैठक के बाद जेटली ने कहा, "संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन और रूस के संप्रभु कोष के प्रस्ताव पर हुई प्रगति पर विशेष तौर पर विचार किया गया। साथ ही अन्य देशों के अभिरुचि पत्र पर भी विचार किया गया।"
जेटली एनआईआईएफ के शासकीय परिषद के अध्यक्ष भी हैं। मंत्री ने कहा, "हमारी बैठक मार्च में फिर होगी, जिसमें निवेश की इच्छा रखने वाले कोषों पर हुई प्रगति पर विचार किया जाएगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई में 20,000 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ अवसंरचना परियोजनाओं के विकास के लिए इस एनआईआईएफ की स्थापना को मंजूरी दी थी। माना जा रहा है कि शुरुआती कोष 40 हजार करोड़ रुपये का तैयार हो सकता है।
जेटली ने साथ ही कहा कि कोष के अंतर्गत एक निवेश प्रबंधन कंपनी के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चुनाव पर काम चल रहा है। इसके लिए देश-विदेश में विज्ञापन प्रकाशित किए गए हैं। यह प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताहों में पूरी हो सकती है।