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आय से अधिक संपत्ति मामले पर दोबारा सुनवाई कांग्रेस की साजिश: मायावती

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 14, 2016 07:43 pm IST,  Updated : Apr 14, 2016 07:44 pm IST

आय से अधिक संपत्ति मामले में नए सिरे से एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय की सहमति के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया।

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लखनऊ: आय से अधिक संपत्ति मामले में नए सिरे से एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय की सहमति के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया। मायावती ने भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर कहा कि साजिश के तहत कांग्रेस ने अपने दलित कार्यकर्ता कमलेश वर्मा के जरिए इस मामले में नए सिरे से सुनवाई के लिए याचिका दायर कराई है। वर्मा कांग्रेस के टिकट पर मध्य प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड चुके हैं, हालांकि वह हार गए थे।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत 2003 में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ताज कॉरिडोर मामले की आड में आय से अधिक संपत्ति का गलत मुकदमा दायर किया। उसके बाद वह उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हुई क्योंकि संप्रग सरकार के 2004 में सत्ता में आने के बाद से मामला लटका रहा।

मायावती ने कहा कि उन्हें शीर्ष अदालत में न्याय मिला। अब कांग्रेस अपने कार्यकर्ता के जरिए नए सिरे से सुनवाई के लिए जनहित याचिका दायर करायी है, वह भी ऐसे मामले में जो वह जीत चुकी हैं। बसपा प्रमुख ने आगाह किया कि इस नए घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि कांग्रेस, भाजपा और अन्य दल अदालती मामलों में उलझाकर बसपा को रोकने की कोशिश करेंगे।

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को ही याचिका पर सुनवाई पर सहमति दी। याचिका में मायावती के खिलाफ नए सिरे से एफआईआर करने का आग्रह अदालत से किया गया है। कांग्रेस को अंबेडकर विरोधी करार देते हुए उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अंबेडकर जयंती के मौके पर नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में रोहित वेमुला की तुलना अंबेडकर से किये जाने पर आपत्ति की।

उन्होंने कहा, इससे साबित होता है कि उनके (राहुल) पास अंबेडकर और उनके व्यक्तित्व को लेकर सही सूचना नहीं है...अन्यथा वह उसकी तुलना नेल्सन मंडेला या कांशीराम से करते। वेमुला की आत्महत्या का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि वेमुला अंबेडकरवादी था। इसलिए उसे अंबेडकर के संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए थी, जिन्होंने तमाम मुश्किलों का सामना किया और आत्महत्या की कभी नहीं सोची।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने दलित नेता बाबू जगजीवन राम का इस्तेमाल अंबेडकर के खिलाफ किया। साथ ही इस साल पांच मार्च को नोएडा में पांच मार्च को जगजीवन राम जयंती मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना की, हालांकि मोदी खुद को अंबेडकरवादी बताते हैं।

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