नई दिल्ली: कॉल ड्रॉप पर कंपनियों की एक महत्वूपर्ण याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि अगर कॉल ड्रॉप होती हैं तो मोबाइल कंपनियों को मुआवजा देना होगा। हाईकोर्ट ने कंपनियों की याचिका खारिज कर दी है और आदेश देते हुए कहा है कि कॉल ड्रॉप पर 1 जनवरी 2016 से कंपनियों को मुआवजा देना होगा।
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
- कॉल ड्रॉप पर देना होगा मोबाइल कंपनियो को मुआवजा
- कंपनियों की याचिका खारिज
- 1 जनवरी, 2016 से देना होगा मुआवजा
क्या कहा था ट्राई ने अपने आदेश में
ट्राई ने 16 अक्टूबर 2015 को आदेश जारी किया था कि मोबाइल सर्विस कंपनियां अगर कॉल ड्राप होती है तो 1 रुपया उपभोक्ता को बतौर मुआवजा देंगी जो एक दिन में 3 रुपये हो सकता है।
- इसके खिलाफ मोबाइल कंपनियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी
- कंपनियों की दलील थी कि ट्राई का ये आदेश मनमाना और गैरकानूनी है, इसे रद्द किया जाए ।
- कई कारणों से ये संभव नहीं है कि कॉल ड्रॉप की स्थिति को रोका जा सके, इससे मोबाइल कंपनियों को बडा नुकसान होगा।
- ट्राई को कोई कानून बनाने का आधार नहीं है ।
- ट्राई का कहना है कि मोबाइल कंपनियों ने उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से टावर नहीं लगा रहे हैं इसकी वजह से कॉल ड्रॉप की दिक्कते आ रही हैं।