
40 साल पुरानी है OROP की मांग:
40 साल पुरानी है OROP की मांग हर पार्टी की सरकार में अटका रहा है। OROP लागू करने की मांग कर रहे पूर्व सैनिक दो महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। कल खत्म हुई आरएसएस-सरकार की बैठक में भी इसे सुलझाने पर जोर दिया गया था। इस योजना के लागू होने से करीब 22 लाख पूर्व सैनिकों और छह लाख से ज्यादा युद्ध विधवाओं को लाभ होगा।
इसके अलावा OROP लागू करने पर सरकार को हर साल 8 से 10 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। OROP के विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए सरकार एक सदस्यीय न्यायिक कमेटी बनाएगी जो छह महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
OROP के सरकारी ड्राफ्ट में अहम बिंदु:
- OROP लागू करने के लिए 2013 बेस इयर
- 1 जुलाई 2014 से लागू होगा OROP
- पहली बार 3 साल में पेंशन का रिविजन
- इसके बाद हर 5 साल में पेंशन का रिविजन
- VRS लेनेवालों को OROP का लाभ नहीं
- शहीदों की विधवाएं OROP के दायरे में
- पेंशन निर्धारण के मानक तय किए गए
- समान रैंक, समान सेवा अवधि को आधार बनाया जाएगा
- न्यूनतम और अधिकतम पेंशन का औसत निकाला जाएगा
- पेंशन के एरियर का भुगतान चार किस्तों में
- शहीदों की विधवाओं को एक साथ मिलेगा एरियर
- एरियर देने में करीब 12 हजार करोड़ रु. होंगे खर्च
- OROP लागू करने पर सालाना 8 -10 हजार करोड़ का खर्च
- विवादित मुद्दों के समाधान के लिए बनेगी न्यायिक कमेटी
- 6 महीने में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी समिति