इंदौर: द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने आज कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के पास अहम मौका है और उन्हें देश से भ्रष्टाचार मिटाने के साथ समान नागरिक संहिता लागू कराने और गोहत्या पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में कदम उठाने चाहिये। स्वरूपानंद सरस्वती ने यहां अपने मठ में संवाददाताओं से कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवा उर्जा से लबरेज हैं और उनके पास अहम मौका है। उन्हें यह मौका नहीं चूकना चाहिये और देश से भ्रष्टाचार मिटाना चाहिये।
उन्होंने कहा, मोदी ने कहा था कि वह न (रिश्वत) खाएंगे और न खाने देंगे। लेकिन अगर आप आज भी किसी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने जाते हैं, तो क्या बगैर घूस दिये आपकी प्राथमिकी दर्ज की जाती है।
91 वर्षीय शंकराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश में समान नागरिक संहिता लागू कराने, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने, गोहत्या पर पूरी तरह रोक लगाने और गो मांस का निर्यात प्रतिबंधित कराने की दिशा में भी कदम उठाने चाहिये। उन्होंने कहा, अगर मोदी ऐसा करते हैं, तो मैं उन्हें पीठ ठोककर शाबाशी दूंगा।
देश में कथित तौर पर बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में लेखकों के सरकारी सम्मान लौटाये जाने पर तंज कसते हुए स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, ये लेखक सरकारी सम्मान के पात्र ही नहीं थे। अच्छा है कि उन्होंने ये सम्मान लौटा दिये। इन लेखकों को उन सरकारों ने सम्मान दिये थे, जो खुद को धर्मनिरपेक्ष बताती थीं।