नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हर भारतीय को गर्व महसूस करना चाहिए कि उन्हें आधिकारिक तौर पर संत का दर्जा दिया जा रहा है। मोदी ने कहा कि मदर टेरेसा ने भारतीय नहीं होते हुए भी अपनी पूरी जिंदगी भारतीयों की सेवा में अर्पित कर दी।
मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा, "मदर टेरेसा ने अपनी पूरी जिंदगी भारत के गरीब और वंचित लोगों की सेवा में बिता दी। जब इस तरह के शख्स को संत का दर्जा दिया जाता है तो भारतीयों के लिए गौरवान्वित होना सामान्य है।" मोदी ने कहा, "मदर टेरेसा को चार सितंबर को संत की उपाधि दी जाएगी। हम इस समारोह में 1.25 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नेतृत्व में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं। "
मदर टेरेसा छह जनवरी 1929 को कोलकाता आई थीं। उन्होंने 1979 में शांति के लिए नोबल पुरस्कार सहित कई पुरस्कार जीते हैं। टेरेसा की 19वीं पुण्यतिथि से एक दिन पहले उन्हें चार सितंबर को संत की उपाधि दी जाएगी।
कश्मीर चर्चा में एकता, ममता मूल बिंदु: मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि कश्मीर घाटी में फैली अशांति पर चर्चा के लिए एकता और ममता मूल बिदु रहे हैं। मोदी ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ चर्चा में एकता और ममता ये दो शब्द उभरकर सामने आए। मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा, "कश्मीर में जो कुछ भी हुआ, उसके विरोध में सभी राजनीतिक दलों ने एकस्वर में आवाज उठाई। उन्होंने विश्व और अलगाववादियों को एक संदेश दिया जबकि कश्मीरियों की ओर हमारी संवेदनशीलता का भी संदेश दिया।"
मोदी ने कहा, "मेरी विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बातचीत में एक चीज उभरकर सामने आई। कश्मीर में हमारी नीति के मुख्य बिंदु एकता और ममता रही।" उन्होंने कहा कि कश्मीर में जान गंवाने वाला हर एक वह शख्स फिर चाहे वह कश्मीर युवा हो या फिर सुरक्षाकर्मी, उसकी मौत से देश को क्षति पहुंची है। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह स्पष्ट है कि कश्मीर में जान गंवाने वाला हर शख्स हमारी क्षति, हमारे देश की क्षति है।"
गौरतलब है कि कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से घाटी में हिंसा का माहौल है जिसमें अब तक लगभग 70 लोगों की मौत हो चुकी है।