नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो शो 'मन की बात' का 17वां संस्करण में आज कुछ अलग था। आज 'मन की बात' में विश्व के महान बल्लेबाज मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और शतरंज ख़िलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने भी PM मोदी का साथ दिया। आज प्रधानमंत्री मोदी ने आने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों को सुझाव दिये। इसके अलावा देश के कई मुद्दों पर भी अपनी मन की बात की।
PM मोदी ने कहा कि, आपको बच्चों की परीक्षा की जितनी चिंता है, मुझे भी उतनी ही है। परीक्षा को देखने का तरीका बदल दें, तो हम चिंतामुक्त हो सकते हैं। परीक्षा को अंकों का खेल मत मानिए, एक बहुत बड़े उद्देश्य को लेकर चलिए। हम दूसरों से स्पर्द्धा करने में अपना समय क्यों बर्बाद करें? हम खुद से ही स्पर्द्धा क्यों न करें।
मन की बात के दौरान सचिन ने भी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों को सुझाव देते हुए कहा कि, "अपनी सोच को सकारात्मक रखिए तभी नतीजे अच्छे आएंगे। साथ ही सिर्फ अपने से प्रतियोगिता करें, न कि दूसरों से।"
शतरंज के चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने कहा कि, "यह बहुत जरूरी है कि खुद पर दबाव न डाला जाए। अपनी अपेक्षाएं बहुत ऊंची न रखें। इसे सिर्फ एक चुनौती की तरह लें। आपको अच्छी नींद लेने और रिलैक्स रहने की जरूरत है। आपका पेट भरा होना चाहिए और सबसे जरूरी है कि शांत रहें।"
मन की बात में प्रधानमंत्री ने परीक्षार्थी छात्रों के लिए आध्यात्मिक गुरू मोरारी बापू का संदेश भी सुनाया। मोरारी बापू ने छात्रों से कहा कि ‘वे परीक्षा के समय कोई बोझ न रखें, चित्त शांत रखें, खुश रहें, सफलता मिलेगी’।
इससे पहले के कार्यक्रमों में पीएम नशे की लत, किसानों की समस्याओं, भ्रष्टाचार, लड़कियों की संख्या, खादी को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतो को लेकर अपने विचार जनता के सामने रख चुके है।