नई दिल्ली: दिल्ली के जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में मंगलवार को हुई कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ रिटायर्ड फौजियों ने भी आवाज उठाई है। शनिवार को सेना के नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) से पास हुए 54वें बैच के अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को एक पत्र लिखकर कहा है कि अगर विश्वविद्यालय में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां जारी रहीं तो हम लोग अपनी डिग्री लौटाने को मजबूर होंगे।
1978 बैच के पूर्व सैनिकों ने पत्र में लिखा है कि उन्हें अब जेएनयू से जुड़ा होने में दिक्कत महसूस हो रही है। क्योंकि यह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का अड्डा बन गया है। उनका कहना है कि अगर विश्वविद्यालय में ऐसी गतिविधियों को इजाजत दी जाती है तो हम डिग्रियां वापस करने को मजबूर हो जाएंगे। यहां 9 फरवरी को संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर एक कार्यक्रम हुआ था जिसमे आतंकियों के समर्थन में नारे लगाए गए थे।
पहले इस कार्यक्रम को इजाजत को मिल गई थी लेकिन एबीवीपी ने इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी के वीसी एम. जगदीश कुमार के पास शिकायत की। इसके बाद जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन ने परमिशन वापस ले ली। इसके बावजूद कार्यक्रम होने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। एबीवीपी ने बुधवार को जेएनयू कैम्पस में बंद बुलाया।
गौरतलब है कि 1975 से हर साल करीब पांच सौ एनडीए के कैड्ट को जेएनयू बैचलर ऑफ ऑर्ट्स यानि कि बीए की डिग्री देता है। इस बैच के करीब 250 कैडट को जेएनयू की डिग्री मिली हुई है। इस बैच के कई अफसर फिलहाल सेना के तीनों अंगो में वरिष्ठ पदों पर तैनात है और कई रिटायर हो चुके हैं।