
संजू को भी मिली थी इस तरह की सजा:
क्या था मामला-
12 मार्च 1993 को मुंबई ने कई सिलसिलेवार धमाके सहे। मुंबई में हुए कुल 12 धमाकों में 257 जाने गईं। कहानी में नया मोड तब आया जब फिल्मी दुनिया के सितारे संजय दत्त को टाडा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरे मामले की तफ्तीश की गई तो मालूम चला कि संजय ने डर के चलते अवैध हथियार मंगाए थे।
आपको बता दें कि साल 1992 में फिल्म यलगार की शूटिंग चल रही थी और इस फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में संजय दत्त को कई बार दुबई आना जाना पड़ा। इसी दौरान उनकी मुलाकात अंडरवर्ड डॉन दाउद इब्राहीम के भाई अनीस इब्राहीम से हुई। खैर इस फिल्म की शूटिंग तो जैसे तैसे खत्म हुई। अगले ही साल मुंबई के हालात नाजुक हो गए। सिलसिलेवार धमाकों ने लोगों की नींद उड़ा रखी थी और इस वजह से खुद संजू बाबा भी डरे हुए थे। देश में तनाव था और मुंबई के हालात ठीक नहीं थे। डर के मारे संजू बाबा ने अनीस इब्राहीम को फोन लगाकर उनसे एक आटोमेटिक गन की मांग कर दी। संजू बाबा का बस इतना कहना ही था कि अनीस ने फिल्म प्रोड्यूसर समीर हींगोरा के जरिए हथियारों का एक बड़ी जखीरा पहुंचवा दिया। ये वही अवैध हथियार से जिनको रखने के लिए संजू बाबा अब भी जेल में हैं।
क्या मिली सजा-
गौरतलब है कि संजय दत्त को 1993 के सीरियल ब्लास्ट के तहत गैरकानूनी रूप से हथियार रखने के आरोप में पांच साल की सजा मिली थी, जिसमें से 18 महीने वे पहले ही काट चुके थे। बाकी अवधि (42 महीने) के लिए उन्हें मई 2013 में फिर से जेल भेजा गया था।