नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक करने के संबंध में आज कोई वादा नहीं करते हुए कहा कि इस बारे में अनुमान लगाना कठिन है कि इस तरह के सभी दस्तावेज कब जारी किये जाएंगे। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यहां संवाददाताओं से कहा, केंद्र सरकार ने कुछ फाइलें पहले ही सार्वजनिक कर दी थीं और राष्ट्रीय अभिलेखागार में भेज दी थीं। हालांकि बाकी फाइलों के संबंध में निर्णय लेना है कि उन्हें सार्वजनिक करना है या नहीं। मैं यह नहीं बता सकता कि यह कब होगा।
रिजिजू के सहयोगी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हरिभाई परथीभाई चौधरी ने 17 दिसंबर, 2014 को संसद में कहा था कि विदेश मंत्रालय के पास 29 फाइलें हैं और प्रधानमंत्री के पास अब भी नेताजी से संबंधित 60 फाइलें हैं। चौधरी ने यह भी कहा था कि विदेश मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को बता दिया है कि इन फाइलों में संवेदनशील जानकारी है और इस समय इस जानकारी को सार्वजनिक करना भारत के दूसरे देशों से रिश्तों के मद्देनजर अपेक्षित नहीं है।
उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अयर ने आज कहा कि अगर भाजपा फाइलों को सार्वजनिक करती है तो उसका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कोलकाता में एक कार्यक्रम से इतर पीटीआई से यह बात कही।
जब उनसे हाल ही में हुए इन खुलासों के बारे में पूछा गया कि कांग्रेस की सरकारों ने 1960 के दशक के मध्य तक नेताजी के परिवार के सदस्यों की जासूसी कराई थी तो उन्होंने कहा, मैंने उन फाइलों को नहीं देखा है। मुझे पता नहीं कि उनमें क्या है। इसलिए मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।
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