नई दिल्ली: टेरर फंडिंग मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने यासीन मलिक की न्यायिक हिरासत 23 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। एनआईए ने आतंकवाद के वित्तपोषण के 2017 के मामले में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक, अन्य के खिलाफ दिल्ली की अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है।
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आतंकवाद के वित्त पोषण के 2017 के मामले में दायर आरोप पत्र में कश्मीरी अलगाववादियों आसिया अंद्राबी, शब्बीर शाह, मसरत आलम भट्ट के नाम भी आरोपियों के रूप में हैं। आपको बता दें कि यासीन मलिक अलगाववादियों और आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद मुहैया कराने संबंधी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किए गए है।
जेकेएलएफ प्रमुख पर तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद का 1989 में अपहरण करने और 1990 के शुरुआती दौर में भारतीय वायुसेना के चार कर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप है।
एनआईए की जांच का मकसद आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण, सुरक्षा बलों पर पथराव, स्कूलों को जलाने और सरकारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने में शामिल लोगों की पहचान करना है।