हैदराबाद: केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर कोई सर्वसम्मति नहीं है और जमीन पर स्थिति बदली नहीं है। उन्होंने कहा, ‘वह मुद्दा काफी समय से लंबित है। उस मुद्दे पर कोई सर्वसम्मति नहीं है। बस इतना है कि आप सत्ता में आ गई है, इसलिए वह यह कह रही है। कांग्रेस पिछले 10 साल से शासन में थी। उन्होंने नहीं किया।’
वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। आप सरकार ने केंद्र के साथ टकराव का एक और मोर्चा खोलते हुए पुलिस, जमीन, नगर निगमों तथा नौकरशाही को अपने नियंत्रण में लाने की मांग करते हुए दिल्ली को पूर्ण राज्य के मुद्दे पर 18 मई को एक मसौदा विधेयक जारी किया था तथा 30 जून तक जनता से सुझाव मांगे थे। सरकार की वेबसाइट पर जनता की टिप्पणियों के लिए रखे गए दिल्ली राज्य विधेयक 2016 के अनुसार नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी क्षेत्र प्रस्तावित दिल्ली राज्य के अधिकारक्षेत्र से बाहर रहेंगे। उपराज्यपाल शब्द की जगह राज्यपाल शब्द होगा।
वेंकैया नायडू ने कहा कि भाजपा ने भारतीय राजनीति के केंद्र से कांग्रेस को हटा दिया है और अब पूरे भारत में उपस्थिति दर्ज हो गई है। उन्होंने कहा, हम न केवल एक राष्ट्रवादी पार्टी हैं बल्कि अब हम वास्तविक रूप से एक राष्ट्रीय पार्टी हो गए हैं। भाजपा में कुछ नेताओं के विवादास्पद बयानों के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बारे में पार्टी के आधिकारिक रूख को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का ध्यान विकास और सुशासन पर है।
वेंकैया ने कहा, कुछ लोग यहां और वहां कुछ बातें कहते रहते हैं। यह लोकतंत्र है। लेकिन आपको पार्टी के आधिकारिक रूख को देखना चाहिए। यह देखना चाहिए कि सरकार का आधिकारिक रूख क्या है। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की बैठक में हमें स्पष्ट रूप से बताया है कि हमारा ध्यान विकास और सुशासन पर है।