नई दिल्ली: पासपोर्ट बनाने के काम में तेजी लाने के लक्ष्य से सरकार ने कहा कि यात्रा दस्तावेज जारी होने के बाद ही पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। लेकिन आवेदन के वक्त पहचानपत्र से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने वालों के मामले में ही ऐसा होगा। पासपोर्ट जारी करने के लिए पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को सुधारने और उसे आसान बनाने की सरकार के प्रयासों के तहत ऐसा किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, '...इसलिए पहली बार आवेदन करने वालों- जिनके साथ आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, और एक हलफनामा शामिल है- को बाद में पुलिस सत्यापन के आधार पर पासपोर्ट जारी किया जाएगा। इससे बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के तेजी से पासपोर्ट जारी हो सकेगा।'
आधार संख्या के सफल ऑनलाइन वेरिफिकेशन के बाद ही ये पासपोर्ट जारी किए जाएंगे। जरूरत होने पर मतदाता पहचानपत्र और पैन कार्ड का भी सत्यापन कराया जा सकता है। नई व्यवस्था में किसी भी तरह का अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा। पिछले साल अगस्त में सरकार ने पहले ही कहा था कि पासपोर्ट को दोबारा जारी करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन की कोई जरूरत नहीं होगी।
विदेश मंत्रालय ने एम-पासपोर्ट पुलिस एप्लीकेशन भी लॉन्च किया है। ताकि पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट जल्द से जल्द जमा हो सके। इस एप से मैदानी अधिकारी सीधे रिपोर्ट डिजिटली कैप्चर कर सकेंगे। इससे व्यक्तिगत जानकारी और प्रश्नावली को डाउनलोड कर प्रिंट लेने की जरूरत नहीं होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पासपोर्ट बनाने की अवधि को 21 दिन से कम करना है।