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  5. कोरोना के हल्के लक्षण वाले सावधान! 8 महीने बाद लोगों में दिख रही यह बड़ी दिक्कत

हल्का कोविड-19 होने के 8 महीने बाद हर 10 में से एक व्यक्ति पर पड़ रहा दीर्घकालिक प्रभाव: स्टडी

कोरोना वायरस के हल्के लक्षणों को झेलकर ही ठीक हो जाने वाले मरीजों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: April 08, 2021 16:25 IST
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Image Source : PIXABAY REPRESENTATIONAL कोरोना वायरस के हल्के लक्षणों को झेलकर ही ठीक हो जाने वाले मरीजों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के हल्के लक्षणों को झेलकर ही ठीक हो जाने वाले मरीजों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। एक स्टडी में पता चला है कि कोविड-19 के हल्के रूप से ग्रस्त होने के 8 महीने बाद हर 10 में से एक व्यक्ति कम से कम एक मध्यम से गंभीर लक्षण से प्रभावित हो रहा है जो उनके काम, सामाजिक या निजी जिंदगी पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला माना जाता है। अध्ययन में पाया गया कि सबसे लंबे दीर्घकालिक लक्षणों में स्वाद एवं सूंघने की क्षमता चले जाना और थकान शामिल है। इस स्टडी को करने वाली रिसर्चर ने कहा है कि लोगों में थकान और सांस से भी जुड़ी दिक्कतें देखने को मिल रही हैं पर ये उतनी ज्यादा नहीं हैं। 

‘चली जा रही है स्वाद और सूंघने की क्षमता’

स्वीडन की डेंडेरिड हॉस्पिटल और कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट पिछले साल से यह कथित ‘कम्युनिटी’ अध्ययन कर रहा है जिसका मुख्य लक्ष्य कोविड-19 के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाना है। ‘कम्यूनिटी’ अध्ययन की प्रमुख अनुसंधानकर्ता शारलोट थालिन ने कहा, ‘हमने तुलनात्मक रूप से युवा और काम पर जाने वाले लोगों के स्वस्थ समूह में हल्के कोविड-19 के बाद दीर्घालिक लक्षणों की जांच की और हमने पाया कि स्वाद एवं सूंघने की क्षमता चले जाना प्रमुख दीर्घकालिक लक्षण है।’ थालिन ने कहा कि ‘कोविड-19 से ग्रस्त हो चुके प्रतिभागियों में थकान और सांस संबंधी समस्याएं भी आम हैं लेकिन ये उस हद तक नहीं हैं। यह अध्ययन ‘जेएएमए’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

कोरोना के चलते 29 लाख से ज्यादा मौतें
बता दें कि दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमण के अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस बीमारी के चलते 29 लाख से भी ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। आमतौर पर देखा गया है कि 95 प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों में इस महामारी के हल्के लक्षण ही आते हैं लेकिन नई स्टडी अब लोगों की चिंताओं को बढ़ा सकती है। दुनिया में फिलहाल लगभग 10.8 करोड़ लोग इस महामारी को मात दे चुके हैं लेकिन हाल के दिनों में भारत समेत कई देशों में तेजी से मामलों का बढ़ना चिंता का विषय है। बता दें कि भारत में पिछले कुछ दिनों से हर रोज 1 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।

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