नई दिल्ली: भारत-नेपाल की सीमा के नजदीक नए संविधान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर नेपाली पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में 19 वर्षीय भारतीय की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली से बात कर मामले की जांच करने को कहा। भारत ने अपील भी की है कि नेपाल अपने इस अंदरूनी मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाए.
नेपाल के गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक बीरगंज सीमा शुल्क चौकी के नजदीक शंकराचार्य गेट पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में बिहार के रक्सौल का रहने वाला आशीष राम मारा गया। आशीष के सिर में गोलियां लगीं और अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने कहा कि आशीष के मोबाइल फोन से उसके मामा को फोन किया गया जिसके बाद उसकी पहचान हुई।
नेपाल की पुलिस द्वारा मधेशी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद बीरंगज के विभिन्न हिस्सों में आज संघर्ष छिड़ गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के टेंट जला दिए, भारत-नेपाल सीमा के पास मैत्री पुल से उन्हें हटा दिया और पिछले 40 दिनों में पहली बार बीरगंज-रक्सौल सीमा व्यापार स्थल को खोला।
गोलीबारी की घटना पर प्रतिक्रिया जताते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने नई दिल्ली में कहा, ‘बीरगंज में गोलीबारी की घटना से हम काफी चिंतित हैं। गोलीबारी में एक निर्दोष भारतीय भी मारा गया। नेपाल में राजनीतिक संकट है और इसका समाधान बलपूर्वक नहीं हो सकता। नेपाल की सरकार को वर्तमान संघर्ष के कारणों से ठोस और प्रभावी तरीके से निपटने की जरूरत है।’
उन्होंने कहा कि भारतीय मालवाहकों और ट्रांसपोर्टरों ने सीमा के पार खराब होती स्थिति पर आज फिर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि हम उन्हें सलाह दे रहे हैं कि सावधानी बरतें और खुद को खतरे में नहीं डालें। हम सावधानीपूर्वक स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
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