
राजा करे गलत तो भुगतते हैं पुरोहित और मंत्री-
आचार्य चाणक्य के मुताबिक राजा सर्वोच्च होता है और अगर ऐसे में वो कोई गलत काम करता है तो न सिर्फ राजा सजा भुगतता है बल्कि उसके पुरोहित, मंत्री और सलाहकार भी सजा के बराबर भागीदार बनते हैं। मसलन अगर राजा के पुरोहित, मंत्री और सलाहकार अगर राजा को उचित सलाह नहीं देते हैं तो राजा गलत काम कर बैठता है और ऐसे में इन चारों को ही सजा भुगतनी पड़ती है। ऐसे में सभी का कर्तव्य है कि वो राजा को उचित सलाह दें।