
शिष्य करे गलत तो गुरू को भी मिलेगी सजा-
शिष्य को राह दिखाने वाला गुरू जीवन की पाठशाला का पहला मार्गदर्शक होता है। ऐसे में अगर शिष्य भटकता है तो जवाबदेही गुरू की ही होती है। अगर शिष्य कुछ ऐसा काम करता है जिसके भयानक नतीजे सामने आते हैं तो इसके लिए गुरू भी बराबर का भागीदार होता है। ऐसे में गुरू की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने शिष्य को गलत रास्ते पर न जाने दे और न ही गलत का करने दे।