नई दिल्ली: अफगानिस्तान के मुद्दे पर मंगलवार को वैश्विक सम्मेलन से इतर भारत-पाकिस्तान के विदेश सचिवों की मुलाकात में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान विद्रोह में भारत की कथित संलिप्तता का मामला उठाया और कश्मीर को दोनों देशों के बीच का 'मुख्य मुद्दा' करार दिया।
पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी और उनके भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर ने 'जम्मू एवं कश्मीर विवाद सहित सभी प्रमुख मुद्दों' पर चर्चा की।
बयान में कहा गया, "पाकिस्तानी विदेश सचिव चौधरी ने जोर देकर कहा कि कश्मीर मुख्य मुद्दा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप हल करने की जरूरत है।"
बयान में कहा गया कि चौधरी ने रिसर्च एवं एनालिसिस विंग (रॉ) के अधिकारी कुलभूषण जाधव के पकड़े जाने का मामला भी उठाया और बलूचिस्तान व कराची में विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्तता (भारत की) को लेकर गहन चिंता जाहिर की। पाकिस्तान अर्से से भारत पर पाकिस्तान के गैस व खनिज संपन्न प्रांत बलूचिस्तान में विद्रोह भड़काने का आरोप लगाता आया है। भारत ने हमेशा उसके आरोपों को खारिज किया है।
कुलभूषण जाधव को मार्च में बलूचिस्तान में भारत की खुफिया संस्था रॉ के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। भारत ने बताया कि जाधव एक सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी हैं और वह रॉ के लिए काम नहीं करते। पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चौधरी ने अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर को बताया है कि भारतीय एजेंटों की जासूसी 'दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करने के प्रयासों पर असर डाल रही है।'
चौधरी ने दोनों देशों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में 2007 में हुए बम विस्फोट की भी याद दिलाई। पूर्व में भारतीय जांच एजेंसियों ने इस विस्फोट के लिए दक्षिणपंथी हिंदू कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था। अब न्यूज रिपोर्ट कह रही हैं कि संदिग्धों को सबूतों के अभाव में छोड़ा जा रहा है। बयान में कहा गया, "उन्होंने (चौधरी) समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के मुख्य संदिग्धों की रिहाई के लिए भारतीय अधिकारियों द्वारा की गई कोशिशों पर भी चिंता जताई।"
पाकिस्तान के विदेश सचिव ने हालांकि भरोसा जताया है कि दोनों देश हाल में उच्चस्तरीय संपर्को से बनी सद्भावना की पृष्ठभूमि में 'एक प्रतिबद्ध, सार्थक एवं व्यापाक वार्ता प्रक्रिया' के प्रति समर्पित बने रहेंगे। उन्होंने 'व्यापक वार्ता की जल्द शुरुआत की जरूरत पर जोर दिया, जिसके लिए भारत के विदेश सचिव का पाकिस्तान दौरा होना है।'