लाहौर: धर्म और इंसानियत में बड़ी ताकत होती है। भले ही अलग-अलग लोगों के लिए आस्था और मजहब का मतलब अलग-अलग निकलता हो, लेकिन उसका मकसद नेक ही होगा यह तय बात है। इस फोटो को देखकर आपको यकीनन प्यार हो जाएगा। इस फोटो को स्मिता दीपक नाम की महिला ने अपने FB वॉल पर पोस्ट की है। यह एक ऐसी तस्वीर है जो काफी कुछ बयां करने के लिए काफी है।
पाकिस्तान के लाहौर में वाघा सीमा के पास भारतीय सिख दर्शनार्थियों की सुरक्षा में मुस्तैद एक मुस्लिम महिला कमांडो को देखकर तो आप कम से कम ऐसा कह सकते हैं कि धर्म और इंसानियत में बड़ी ताकत होती है। आपको बता दें कि लाहौर स्थित नानक साहेब में हर साल हजारों सिख दर्शनार्थी पाकिस्तान पहुंचते हैं। इस बार भी सिख दर्शनार्थी गुरु नानक देव का 547वीं जयंती पर पाकिस्तान पहुंचे हैं। पाकिस्तान में गुरू नानक जयंती तीन दिन मनाई जाती है।
ननकाना साहिब को पहले राय-भोई-दि-तलवांडी के रूप में जाना जाता था। इसका नामकरण सिखों के पहले धर्मगुरु गुरु नानक देव के नाम पर हुआ है। यह लाहौर के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र से 80 किलोमीटर दूर स्थित है। चूंकि ननकाना साहिब गुरु नानक देव के जन्म स्थान के तौर पर जाना जाता है इसलिए इस स्थान का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थान है और यह पूरी दुनिया में सिखों के सबसे पवित्र और मशहूर धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है।
वो अलग बात है कि इस देश में राजनीतिक मतभेदों का धार्मिक प्रभावों का एक अलग ताना-बाना है, लेकिन बतौर एक देश धार्मिक यात्रियों को सुरक्षा मुहैया कराना इस मुल्क की प्राथमिकताओं में से एक है। यह एक बेहतरीन जगह है जहां पर महिला कमांडो सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं। यह पाकिस्तान में महिलाओं और धर्म को लेकर तमाम तरह की रूढ़िवादिताओं को भी तोड़ती हुई नजर आती है। आप इस तस्वीर को देखकर कई अनुमान लगा सकते हैं, लेकिन इस तस्वीर को देखकर सबसे पहले जो भावना आपके मन में आएगी वो एक सम्मान की होगी।