नई दिल्ली: जाट नेताओं द्वारा फिर से आंदोलन करने की धमकी को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को आगाह करते हुए कहा है कि पहले जैसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। आपको बता दें कि आरक्षण के लिए 72 घंटे का जाट समुदाय का अल्टीमेटम आज खत्म हो रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रोहतक रेंज के आईजी संजय कुमार ने बताया कि उन्हें अर्धसैनिक बल मिल गए हैं। पुलिस सतर्क है और वो सभी बंदोबस्त कर रहे हैं। गौरतलब है कि जाट आरक्षण के मुद्दे को लेकर पिछले महीने हुए आंदोलन में 30 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।
शुक्रवार को जाट नेताओं से बातचीत करेगी हरियाणा सरकार:
हरियाणा सरकार ने गुरुवार को जाट नेताओं को उनकी आरक्षण की मांग पर वार्ता करने के लिए शुक्रवार शाम को आमंत्रित किया है। तब तक वे अपना आंदोलन फिर से शुरू नहीं करेंगे। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा, सरकार ने हमें कल चंडीगढ़ में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा, हमारे नेता सरकार के निमंत्रण के अनुसार कल दोपहर बाद हरियाणा के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, तब तक हम अपना आंदोलन फिर से शुरू नहीं करेंगे। हरियाणा के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात के बाद आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला किया जाएगा। अनेक जाट संगठनों ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि अगर मनोहर लाल खट्टर सरकार ने आज तक उनकी मांग पूरी नहीं की तो आरक्षण आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।
हरियाणा में शांति के लिए केंद्र ने 3000 जवानों को भेजा
आरक्षण के लिए जाटों की आंदोलन फिर शुरू करने की चेतावनी को लेकर उपजी तनाव की स्थिति के बीच केंद्र ने अर्धसैनिक बलों के 3000 जवानों को हरियाणा में शांति सुनिश्चित करने के लिए भेजा है तथा दिल्ली को जल की आपूर्ति करने वाली मुनक नहर की सुरक्षा के लिए 300 अन्य जवानों को तैनात किया गया है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के लिए सभी बंदोबस्त कर लिए गए हैं और बलों को भेज दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि सभी संवेदनशील जगहों पर, राजमार्गों पर कुछ स्थानों पर और मुनक नहर के लिए अतिरिक्त अद्र्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
राज्य में लगा कर्फ्यू
आरक्षण की मांग के लिए जाट समुदाय द्वारा फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी देने के बाद गुरुवार को अधिकारियों ने यहां निषेधाज्ञा लागू करते हुए पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ एक जगह जमा होने पर रोक लगा दी गई है। अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लगाए गए प्रतिबंध के तहत किसी भी व्यक्ति को अपने साथ हथियार रखने की अनुमति नहीं होगी। यह निषेधाज्ञा 15 मई तक जारी रहेगी।