छत्तीसगढ़: पीएम नरेन्द्र मोदी ने ‘आर-आर्बन’ मिशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके अंर्तगत 300 गावों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करके शहर की बस्तियों के रुप में विकसित किया जाएगा। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार गरीबों, दलितों और समाज के वंचित वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना का मुख्य मकसद जो युवा गांव से शहर की ओर पलायन कर रहे है। उनका रोकना है। इस साथ प्रधानमंत्री ने पिछली सरकार में निशाना साधते हुए कहा कि शहरी और झुग्गी बस्तियों का बढना जारी होने के बाद भी किसी ने इस योजना के बारें में नहीं सोचा।
इस योजना को पेश करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश का तब तक ठीक ढंग से आर्थिक विकास नहीं हो सकता है जब तक की दूर क्षेत्र में कोई विकास केंद्र छीक रुप से तैयार न हो। इसलिए ग्रामीण लोगों की भावना को देखते हुए इन इलाकों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, इंटरनेट समेत शहरों जैसी बेहतर सुविधाओं से लैस नहीं किया जाए।
मोदी ने कहा कि यह सरकार गरीबों, दलितों, आदिवासियों, शोषितों और समाज के वंचित वर्ग के लोगों के लिए है। यह कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति के लिए है। स्वच्छ भारत, आर-अर्बन मिशन समेत सरकार की कई पहलों को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि इन सभी का मकसद गरीब लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। यही एक रास्ता है जिसके माध्यम से देश को फायदा होगा और हम इस पथ पर अग्रसर हो गए हैं।
आर-अर्बन मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चार लगे हुए गांव को शामिल करते हुए विकास केंद्र का निर्माण किया जायेगा और ऐसे देश भर में 300 ग्रामीण केंद्र बनाये जायेंगे जिनका विकास शहरी बस्तियों के तर्ज पर किया जाएगा जहां आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही 100 केंद्रो का निर्माण इसी साल किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री रमण सिंह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री वीरेन्द्र सिंह एवं अन्य उपस्थित थे। उन्होंने कहा क मुझे पूरा विश्वास है कि इससे करोड़ों लोगों को फायदा होगा।