नई दिल्ली: भारत में 'असहिष्णुता' के मुद्दे पर चल रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। ऑस्कर अवॉर्ड विनर रहमान भी इस विवाद का हिस्सा बन गए है। रहमान ने कहा है कि, कुछ महीने पहले उन्हें भी आमिर खान जैसे हालात का सामना करना पड़ा था। एक अंग्रेजी अखबार की खबर में यह दावा किया गया।
रहमान पणजी में 46वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में मौजूद थे। उन्होंने कहा- कुछ महीने पहले मैं भी इसी तरह के हालात से गुजरा हूं।
रहमान ने कहा- कुछ भी हिंसक नहीं होना चाहिए। हम अल्ट्रा-सिविलाइज्ड लोग हैं। हमें दुनिया को यह दिखाना चाहिए कि भारत में बेस्ट सिविलाइजेशन है। हमें दुनिया को बताना चाहिए कि हम महात्मा गांधी की जमीन से ताल्लुक रखते हैं। गांधीजी ने बताया था कि हिंसा के बिना भी हम कैसे रिवॉल्यूशन ला सकते हैं।
दरअसल, मुंबई की रजा एकेडमी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था। फतवा ईरान की अब तक की सबसे महंगी फिल्म ‘मोहम्मद : मैसेंजर ऑफ गॉड’ में रहमान के दिए म्यूजिक के खिलाफ था। फतवे में कहा गया था कि ईरानी फिल्म इस्लाम का मजाक उड़ाती है। जो मुस्लिम फिल्म में काम कर रहे हैं, खासकर मजीदी और रहमान, वे नापाक हो गए हैं और उन्हें फिर से कलमा पढ़ने की जरूरत है।
फिल्म के डायरेक्टर ऑस्कर विनर माजिद मजीदी हैं। इसमें पैगंबर साहब के बचपन की स्टोरी दिखाई गई है। हालांकि, उनका रोल करने वाले एक्टर का चेहरा नहीं दिखाया गया है, सिर्फ परछाई ही दिखाई गई है। फिल्म की लागत 253 करोड़ रुपए थी।
इससे पहले, आमिर खान ने कहा था, "देश का माहौल देखकर किरण ने पूछा था कि क्या हमें देश छोड़ देना चाहिए?''