गुवाहाटी: कांग्रेस पार्टी को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पर तीन आपत्तियां हैं, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। यह बात पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि संसद में लंबित विधेयक को लेकर कांग्रेस के बारे में भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, "जहां तक संसद में इस मुद्दे पर कांग्रेस की आपत्ति का सवाल है, यह भ्रांति फैलाने की कोशिश की जा रही है कि हमारी इस विधेयक में रुचि नहीं है।" उन्होंने कहा, "विधेयक पर हमारी तीन आपत्तियां हैं, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।"
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की तीन मांगों में हैं जीएसटी में 18 फीसदी दर की ऊपरी सीमा, एक फीसदी अतिरिक्त कर लगाने का प्रावधान हटाया जाना और स्वतंत्र विवाद निपटारा प्रणाली। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार द्वारा प्रस्तावित मूल विधेयक में जीएसटी विवाद निपटारा प्राधिकरण की स्थापना का प्रावधान था। इससे पहले शुक्रवार को ही राहुल ने गुवाहाटी में एक स्वयं सहायता समूह द्वारा महिला सशक्तीकरण पर आयोजित एक चर्चा सत्र में हिस्सा लिया।
उधर, जदयू ने जीएसटी विधेयक का समर्थन करने के साथ संसद में इसके पारित होने की जिम्मेदारी सरकार पर डालते हुए कहा कि उसे विपक्ष, खासकर कांग्रेस का समर्थन पाने का प्रयास करना चाहिए। जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य बशिष्ट नारायण सिंह ने यहां कहा, हम जीएसटी विधेयक के पक्ष में हैं। हम इसका समर्थन करते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इस विधेयक को संसद के वर्तमान सत्र में मंजूरी मिल सकेगी, उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर है कि सरकार विपक्ष से कैसे पेश आती है।