नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने शुक्रवार (18 सितंबर) को बताया कि मार्च, अप्रैल, मई और जून में भारतीय रेलवे द्वारा कोविड महामारी से निपटने के लिए 5,601 कोच को कोविड केयर सेंटर में परिवर्तित किया गया है। जोन वाइस रेलवे द्वारा बनाए गए कोविड कोच की बात करें तो सेंट्रल रेलवे ने 482 रेलवे कोच को आइसोलेशन कोच में तब्दील किया है। वहीं ईस्टर्न रेलवे ने 381 आइसोलेशन कोच बनाए हैं।

नार्दर्न रेलवे ने सबसे ज्यादा 897 आइसोलेशन कोच बनाए
ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने 269, ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 262, नार्दर्न रेलवे ने सबसे ज्यादा 897 आइसोलेशन कोच बनाए हैं। इसी तरह नार्थ सेंट्रल रेलवे ने 217, पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे ने 315, नार्थ वेस्टर्न रेलवे ने 266, साउथर्न रेलवे जोन ने 573 आइसोलेशन कोच बनाए हैं। साउथ सेंट्रल रेलवे ने 486, साउथ ईस्टर्न रेलवे ने 338, साथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने 111, साउथ वेस्टर्न रेलवे ने 320, वेस्टर्न रेलवे ने 410, वेस्ट सेंट्रल रेलवे ने 133 आइसोलेशन कोच बनाए हैं। रेलवे ने कोरोना संकट में अलग-अलग 16 जोनों में कुल 5601 आइसोलेशन कोच बनाए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी थी जानकारी
बता दें कि मार्च में कोरोना के प्रकोप के बाद से कोविड केयर सेंटर में कमी आने लगी थी। इसके बाद सरकार ने फैसला किया था कि कोविड केयर सेंटर के ट्रेनों के डिब्बों का इस्तेमाल किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस मामलों में तेजी देखते हुए कहा था कि रेल के 5000 डिब्बों में करीब 80 हजार बेड लगाने की व्यवस्था की जाएगी। इन डिब्बों में कोरोना संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि कोशिश की जाएगी कि सभी मरीजों को अलग-अलग केबिन की व्यवस्था दी जाए। अगर मरीजों की संख्या बढ़ती है तो एक केबिन में दो मरीजों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।