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RAJAT SHARMA BLOG: चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी आक्रामक तेवर क्यों अपनाते हैं?

 Published : May 02, 2018 04:44 pm IST,  Updated : May 02, 2018 06:20 pm IST

जब कभी नरेंद्र मोदी मंच पर प्रधानमंत्री के तौर पर भाषण देते हैं तो उनका अंदाज अलग होता है। उनका भाषण बेहद संतुलित और सधा हुआ होता है। लेकिन चुनावी रैलियों में मोदी एक प्रधानमंत्री के तौर नहीं बोलते हैं।

RAJAT SHARMA BLOG: Why PM Modi adopts aggressive mode during poll campaigns?- India TV Hindi
RAJAT SHARMA BLOG: Why PM Modi adopts aggressive mode during poll campaigns? Image Source : INDIA TV

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कर्नाटक में चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को यह चुनौती दी कि वे बिना किसी नोट्स के कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों के बारे में अपनी रैली में 15 मिनट बोलकर दिखाएं। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को सार्वजनिक तौर पर कम से कम पांच बार 'विश्वेश्वरैया' शब्द बोलने की चुनौती दी। कांग्रेस अध्यक्ष हाल में एक चुनावी रैली के दौरान इस महान इंजीनियर के नाम के उच्चारण में अटक गए थे और गलती कर बैठे थे। पूरे देश में एम. विश्वेश्वरैया की याद में उनके जन्म दिवस 15 सितंबर को इंजीनियर्स दिवस मनाया जाता है। 

 
कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी के इस तीखे तेवर से परेशान है। कुछ पॉलिटिकल पंडितों का कहना है कि प्रधानमंत्री को अपने भाषण के लहजे और उसके स्वर को लेकर सावधान रहना चाहिए, वहीं कुछ लोग यह सवाल पूछते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी चुनाव प्रचार के दौरान इतने आक्रामक क्यों हो जाते हैं? 
 
जब कभी नरेंद्र मोदी मंच पर प्रधानमंत्री के तौर पर भाषण देते हैं तो उनका अंदाज अलग होता है। उनका भाषण बेहद संतुलित और सधा हुआ होता है। लेकिन चुनावी रैलियों में मोदी एक प्रधानमंत्री के तौर नहीं बोलते हैं। वे अपनी पार्टी के स्टार प्रचार के तौर पर भाषण देते हैं और उनमें यही फर्क नजर आता है।
 
पार्टी के स्टार प्रचारक के तौर पर नरेंद्र मोदी की भाषा बेहद कड़वी और कभी-कभी चुभनेवाली होती है। मोदी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सीधे हमले करते हैं लेकिन चुनाव के बाद वे यह कहते हैं कि चुनाव की कड़वाहट प्रचार अभियान के बाद भुला देनी चाहिए। लेकिन सच तो यह है कि न तो वे खुद इसे भूलते हैं और न लोगों को भूलने देते हैं। यही नरेंद्र मोदी की खासियत है जो उन्हें दूसरे नेताओं से अलग बनाती है। पूरे कर्नाटक चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी का यही अंदाज आपको बार-बार देखने को मिलेगा। (रजत शर्मा)​

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