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राजस्थान के हेल्थ मिनिस्टर ने 'मोदी केयर' योजना पर कही यह बड़ी बात

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ का कहना है कि इस साल केंद्रीय बजट में घोषित मोदी हेल्थ केयर योजना राज्य (राजस्थान) में दिसंबर 2015 में शुरू की गई योजना से काफी मिलती जुलती है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: February 22, 2018 19:27 IST
Kalicharan Sarraf- India TV Hindi
Kalicharan Sarraf

जयपुर: राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ का कहना है कि इस साल केंद्रीय बजट में घोषित मोदी हेल्थ केयर योजना राज्य (राजस्थान) में दिसंबर 2015 में शुरू की गई योजना से काफी मिलती जुलती है। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (बीएसबीवाई) के तहत लाभार्थियों को आम बीमारी के लिए 30 हजार और गंभीर बीमारी के लिए तीन लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है। 

बीमा के तहत एक व्यक्ति को 1,715 बीमारियों से जोखिम का कवर मिलता है और इसमें दिल की सर्जरी और किडनी प्रत्यारोपण जैसे बड़ी बीमारियों के लिए भी कवर दिया गया है। राज्य में अनुमानित 6.9 करोड़ लोगों में से करीब 5 करोड़ लोगों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है।

मंत्री ने आईएएनएस को बताया कि भामाशाह योजना का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य सूचकों में बेहतरी लाना, जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च को कम करना और बीमारी के खिलाफ गरीबों को वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में क्रांति ला रही है। 

राज्य में लागू योजना और केंद्रीय बजट में घोषित योजना के बीच केवल एक अंतर के बारे में सराफ ने कहा कि मोदी हेल्थ केयर योजना के तहत एक परिवार के लिए कवरेज राशि को बढ़ा कर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। इस योजना को मीडिया का एक तबका मोदीकेयर के नाम से भी संबोधित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि नई योजना की कार्यप्रणाली राजस्थान में लागू योजना जैसी ही होगी। इस योजना ने राज्य की करीबन दो तिहाई जनता को कवर किया है। मंत्री ने कहा, "पिछले दो साल में हमने एक हजार करोड़ रुपये के दावे को चुकाया है। अभी तक शहरी और ग्रामीण इलाकों के 16 लाख लोगों फायदा मिला है। योजना के तहत हमने सरकारी और निजी अस्पतालों समेत 1300 से ज्यादा अस्पतालों को सूची में शामिल किया है।"

यह पूछने पर कि क्या केंद्र सरकार ने घोषणा से पहले राज्य सरकार के साथ इस योजना पर चर्चा की थी, सराफ ने कहा कि सात महीने पहले जब केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा राजस्थान में थे तो हमने उन्हें इस योजना से अवगत कराया था क्योंकि यह राज्य में सफलतापूर्वक चल रही है। 

यह पूछने पर कि क्या राज्य सरकार केंद्रीय योजना के बारे में श्रेय लेना चाहेगी, सराफ ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसे केंद्र सरकार चला रही है या राज्य सरकार, बात एक ही है।

योजना को सफलतापूर्वक लागू करने में आई चुनौती पर उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने शुरुआती गड़बड़ी से लड़ाई लड़ी, जिसमें कार्ड को चालू करने की धीमी दर, प्रलेखन और उपचार पैकेज पर भ्रम शामिल थे। लेकिन, अब यह सुचारु रूप से चल रही है।

यह पूछने पर की हाल ही में नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में राज्य सरकार के खराब प्रदर्शन के क्या कारण रहे हैं, उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में 2014-15 के आंकड़ों को ध्यान में रखा गया। हमने बमुश्किल से एक साल पूरा किया था जब इस रिपोर्ट के लिए सर्वे समाप्त हुआ। एक साल पहले राज्य में कांग्रेस का शासन था और इसलिए राज्य में खराब प्रदर्शन के लिए हमें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्थान में सभी पंचायत समितियों में 581 आदर्श प्राथिमक स्वास्थ्य केंद्र खोले हैं जहां मुफ्त दवाईयां और मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाती है। उन्हें किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य जननी योजना को शुरू किया गया है जिसके परिणाम स्वरूप राज्य में 180 फीसदी सफल प्रसव हुए हैं।

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