अहमदाबाद: शहर के मशहूर रेडियो जॉकी की पत्नी ने शादी के 2 महीने बाद ही कथित तौर पर दस मंजिला इमारत की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। सिर्फ 3 दिन पहले वो दोनों बैंकॉक से हनीमून मनाकर लौटे थे लेकिन अचानक दस मंजिला बिल्डिंग के नीचे लड़की की लाश मिली। आरजे कुणाल की पत्नी भूमि की मौत अहमदाबाद पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है। पुलिस फिलहाल इसे सुसाइड का मामला मान रही है, लेकिन लड़की के घरवाले हत्या की आशंका जता रहे हैं।
दुबई में प्यार, बैंकॉक में हनीमून, अहमदाबाद में 'सुसाइड'
कुणाल अहमदाबाद में एक मशहूर एफएम चैनल में रेडियो जॉकी है। 1 साल पहले ही दुबई में भूमि और कुणाल की मुलाकात हुई थी। दो महीने पहले ही बड़े धूमधाम से कुणाल और भूमि देसाई की शादी हुई थी। 24 नवंबर 2015 को भूमि और कुणाल कुछ इस अंदाज में शादी के बंधन में बंधे थे और इस शादी से पहले करीब एक साल तक चला था दोनों का अफेयर। शादी के बाद भूमि और कुणाल हनीमून के लिए बैंकॉक गए थे। 3 दिन पहले ही हनीमून मनाकर वापस लौटे।
सुसाइड से पहले दोस्त को किया SMS
सबकुछ ठीक चल रहा था कि अचानक गुरुवार दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर भूमि के दोस्त मितेश को मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया। इस SMS में लिखा था..सुसाइड एट सचिन टावर। इस मैसेज में भूमि ने अपने पति कुणाल और मां का नंबर भी लिखा था। भूमि ने अपने दोस्त मितेश को बताया था कि वो सचिन टावर से सुसाइड करने जा रही है। ये मैसेज पढ़ते ही मितेश के पैरों तले जमीन खिसक गई। मितेश जब तक कुछ कर पाता, भूमि इस बिल्डिंग से छलांग लगा चुकी थी।
RJ की बीवी का 'सुसाइड सस्पेंस' !
हादसे की जानकारी मिलते ही दोस्त, रिश्तेदार सब भागे-भागे सचिन टावर पहुंचे। भूमि का शव सचिन टावर के एच ब्लॉक के नीचे जमीन पर पड़ा हुआ था। पति कुणाल भी कुछ ही देर में आ गया क्योंकि कुणाल का ऑफिस इस बिल्डिंग से थोड़ी ही दूरी पर था। बताया जाता है कि भूमि का शव देखते ही कुणाल के मुंह से कुछ ऐसा निकला जिससे सुसाइड का सस्पेंस गहरा गया।
हनीमून के 3 दिन बाद मौत की छलांग
भूमि का शव देख परिवार के लोग भी सकते में आ गए। शुरुआती तौर पर पुलिस इसे सुसाइड का केस मान रही है लेकिन रिश्तेदारों का दावा है कि भूमि सुसाइड नहीं कर सकती। रिश्तेदार ये भी कह रहे हैं कि भूमि और कुणाल के बीच कुछ खटपट हुई थी।
तफ्तीश में जुटी पुलिस ने सचिन टावर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। सीसीटीवी कैमरे में भूमि की कार दिख रही थी। ये कार दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर गेट के अंदर दाखिल हुई। भूमि ने दूसरी गाड़ियों के पास अपनी कार पार्क की और छत पर चली गई। सबसे बड़ी बात है कि इस सोसाइटी से भूमि पूरी तरह अंजान थी क्योंकि यहां न तो उसका रिश्तेदार रहता था और न कोई दोस्त। फिर भी वो बड़े आराम से बिल्डिंग के अंदर दाखिल हो गई।
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