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शिवसेना ने लखवी के मामले पर कहा : आतंकवाद पर चीन के मापदंड दोहरे

 Written By: PTI
 Published : Jun 25, 2015 01:37 pm IST,  Updated : Jun 25, 2015 01:37 pm IST

मुंबई: शिवसेना ने आज चीन पर आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर ए तैयबा के कमांडर जकी उर रहमान लखवी की रिहाई को

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शिवसेना ने लखवी पर कहा आतंकवाद पर चीन के मापदंड दोहरे

मुंबई: शिवसेना ने आज चीन पर आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर ए तैयबा के कमांडर जकी उर रहमान लखवी की रिहाई को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग संबंधी संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए भारत के प्रस्ताव का चीन द्वारा विरोध किए जाने के आलोक में यह बात कही।

शिव सेना ने अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा,  संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध लगाने वाली समिति में संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य हैं। इनमें से अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और जर्मनी समेत लगभग सभी देशों ने भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन किया लेकिन चीन ने इसका विरोध किया।

पार्टी ने कहा,  एक ओर चीन अपने देश में आतंकवाद को बेरहमी से कुचलता है और दूसरी ओर वह भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को समर्थन देता है। यह चीन का दोहरा मापदंड है। शिवसेना ने कहा कि आतंकवादी हमलों में शामिल होने के कारण चीन के शिंजियांग प्रांत में 13 मुसलमानों को हाल में फांसी पर लटकाया गया और इससे पहले भी उस देश में सैकड़ों मुस्लिमों को मारा गया है।

उसने कहा,  यह प्रतीत होता है कि चीन की विचारधारा अपने देश से आतंकवाद का सफाया करने लेकिन भारत में आतंकवादी गतिविधियों को फलने फूलने देने की है।

पार्टी ने कहा,  चीन ने 1960 में हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा दिया था जो कई बार खोखला साबित हुआ है। संपादकीय में कहा गया है कि चीन ने पाकिस्तान को परमाणु बम और मिसाइलें मुहैया कराईं और परमाणु संयंत्र लगाने में उसकी मदद की ताकि उसे भारत से बढ़त हासिल हो सके। उसकी सेना छोड़कर पाकिस्तान की सभी युद्ध सामग्री चीन की देन हैं। शिवसेना ने जोर देकर कहा कि चीन कभी भारत का मित्र नहीं हो सकता। उसने कहा,  यह साबित करने के लिए और क्या सबूत चाहिए? ... भारत को भविष्य में चीन से सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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