नयी दिल्ली: जेएनयू छात्रों को अवसरवादी बताते हुए भाजपा नेताओं ने विश्वविद्यालय के वामपंथी छात्र दलों पर राष्ट्र विरोधी होने का आरोप लगाया। विश्वविद्यालय में एक बहस के दौरान बिहार से पूर्व भाजपा विधायक रामेश्वर चौरसिया ने कहा कि देश में आज राष्ट्रवादी बनाम राष्ट्र विरोधी बहस का एक मुद्दा बन गया है। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके भाजपा नेता संदीप महापात्र ने कहा कि आजादी शब्द का बहुत अधिक इस्तेमाल किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि भूख और सामंतवाद के खिलाफ उनके नारे खोखले हैं।
विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य डॉक्टर अमित सिंह ने कहा, सर्वेक्षण के अनुसार जेएनयू में यौन उत्पीड़न के सर्वाधिक मामले दर्ज किये गये। हम लोगों को विश्वविद्यालय की सकारात्मक आलोचना करने की जरूरत है। इन नेताओं को एबीवीपी ने आमंत्रित किया था। कमल संदेश के संपादक डॉक्टर शिव शक्ति ने कहा कि इन छात्रों के कारण जेएनयू की छवि को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जेएनयू के छात्रों को अवसरवादी बताया।
JNU परिसर में हुआ कन्हैया कुमार पर हमला
वहीं जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर विश्वविद्यालय परिसर में हमला किया गया। समझा जाता है कि यह हमला किसी बाहरी व्यक्ति ने किया। वहां मौजूद छात्रों और अध्यापकों ने बताया कि हमलावर ने कन्हैया को उस समय बात करने के लिए बुलाया जब वह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक खंड में राष्ट्रवाद पर चल रहा लैक्चर सुन रहा था।
एक छात्र ने बताया, कन्हैया उसकी बात सुनने के लिए जैसे ही एक कोने में गया उस युवक ने उसे अपशब्द कहना शुरू कर दिया जिसके बाद दोनों में बहस होने लगी और युवक ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इसे देखते ही बहुत से छात्र और सुरक्षा गार्ड उसे बचाने वहां पहुंच गए। घटना के तत्काल बाद विश्वविद्यालय के गार्ड हरकत में आ गए और वे आरोपी को नजदीकी थाने ले गए जहां उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया । एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि युवक की पहचान अभी नहीं की जा सकी है।