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विवादित बयान: शिवराज के मंत्री ने कहा-'केवल पत्नी ही बता सकती है कि कोई पुरूष नपुंसक है या नहीं'

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 16, 2018 08:21 pm IST,  Updated : Mar 16, 2018 08:21 pm IST

मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री रूस्तम सिंह आज कथित रूप से यह कहकर विवादों में आ गये हैं कि केवल कोई पत्नी ही बता सकती है कि उसका पति नपुंसक है या नहीं।

shivraj Singh chouhan- India TV Hindi
shivraj Singh chouhan

भोपाल: मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री रूस्तम सिंह आज कथित रूप से यह कहकर विवादों में आ गये हैं कि केवल कोई पत्नी ही बता सकती है कि उसका पति नपुंसक है या नहीं। मध्यप्रदेश के रीवा क्षेत्र में पुरुषों में बढ़ती नपुंसकता को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में सिंह ने आज यहां विधानसभा परिसर में कहा, ‘‘हम कैसे बता सकते हैं कि कोई पुरूष नपुंसक है या नहीं। यह तो केवल पत्नी ही बता सकती है ।’’उन्होंने कहा कि कोई पुरूष कभी भी नहीं बतायेगा कि वह नपुंसक है। 

उनसे सवाल किया गया था कि सरकार कैसे पता लगायेगी कि कोई पुरूष नपुंसक है या नहीं। सिंह ने कहा कि किसी व्यक्ति में शुक्राणु कम हो गए हैं तो ये डॉक्टर बताएगा और अगर किसी व्यक्ति में नपुंसकता है तो ये सिर्फ उसकी पत्नी ही बता सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास नपुंसकता रोकने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं है। सिंह ने कहा,‘‘ मुझे हैरानी है कि रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक सुन्दरलाल तिवारी ये बात कैसे जानते हैं कि कौन सा व्यक्ति नपुंसक है और कौन नहीं।’’ 

गौरतलब है कि आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुन्दरलाल तिवारी ने सवाल उठाया था कि क्या मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में पुरूषों में शुक्राणुओं की हो रही कमी एवं नपुंसकता की बढ़ रही संख्या के सुधार के बाबत कोई कार्य योजना तैयार की है। इसके अलावा, उन्होंने सवाल किया था कि क्या इन मरीजों के सत्यापन/चिन्हांकन के बाबत भी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने रीवा क्षेत्र के पुरुषों में नपुंसकता बढ़ने पर चिंता जाहिर की थी। इस पर सिंह ने कहा कि पुरूषों में शुक्राणुओं की हो रही कमी एवं नपुंसकता की बढ़ रही संख्या के सुधार के लिए प्रदेश सरकार की कोई कार्य योजना तैयार नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि महिला स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नि:संतान दंपति का पता लगाया जाता है। रीवा संभाग के अंतर्गत 126 व्यक्ति चिन्हित किये गये हैं। 

सिंह ने कहा कि राज्य बीमारी सहायता निधि के अंतर्गत बीपीएल परिवार के निसंतानता के मामलों में उपचार के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। इसी बीच, मध्यप्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा, ‘‘ऐसा बयान देना एक मंत्री के लिए अशोभनीय है। यह असभ्यता एवं बदतमीजी है। मैं इसकी निंदा करता हूं।’’ गुप्ता ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऐसे असभ्यता से बात करने वाले मंत्री को मंत्रिमंडल से तुरंत बाहर कर देना चाहिए।’’ उन्होंने बताया कि रूस्तम सिंह ने यह असभ्य बयान रीवा के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी दिया है। 

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