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रोहतक में CM खट्टर से भीड़ ने की धक्का-मुक्की, दिखाए काले झंडे

 Written By: Bhasha
 Published : Feb 23, 2016 05:22 pm IST,  Updated : Feb 23, 2016 09:32 pm IST

रोहतक: हरियाणा के हिसार, हांसी और भिवानी शहरों में आज भी कर्फ्यू लगा हुआ है जबकि जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित रोहतक जिले में कर्फ्यू में चार घंटे की ढील दी

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रोहतक: हरियाणा के हिसार, हांसी और भिवानी शहरों में आज भी कर्फ्यू लगा हुआ है जबकि जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित रोहतक जिले में कर्फ्यू में चार घंटे की ढील दी गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रोहतक का दौरा किया जहां हिंसक स्थिति को रोकने में पुलिस की कथित विफलता के विरोध में गुस्साए लोगों ने उनका घेराव किया।

बहरहाल, यात्रियों को आज थोड़ी राहत मिली क्योंकि जाट आंदोलनकारी राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों और रेल मार्गों पर की गई नाकेबंदी हटा रहे हैं। पानीपत, अंबाला, दिल्ली राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया है और अधिकारियों को उम्मीद है कि सोनीपत में स्थिति सामान्य होते ही आगे का यातायात भी बहाल हो जाएगा।

हिंसा के दौरान 19 लोगों की मौत

रोजगार में आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुए जाट आंदोलन के दौरान हिंसा के कारण 19 लोगों की जान चली गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि हिसार, हांसी और भिवानी शहरों में कफ्र्यू जारी है लेकिन जींद शहर से कर्फ्यू हटा लिया गया है। बहरहाल, रोहतक और सोनीपत जैसे जाट बहुल इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

रोहतक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पिछले 24 घंटों में जिले में किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह सामान्य हो जाने तक जाट बहुल जिले में कफ्र्यू लगा रहेगा। रोहतक का दौरा करने पहुंचे मुख्यमंत्री खट्टर को गुस्साई भीड़ की नाराजगी का सामना करना पड़ा। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए और लुटेरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

CM खट्टर को दिखाए काले झंडे

खट्टर को काले झंडे भी दिखाए गए और भीड़ ने धक्का मुक्की भी की। लोगों ने खट्टर के खिलाफ नारेबाजी भी की और शहर को बंधक बनाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री अभिमन्यु और ओ पी धनकड़ तथा मुख्य सचिव डी एस धेसी भी थे। खट्टर ने लोगों को आश्वासन दिया कि उन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को आग के हवाले किया तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन सरकारी और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने दायित्व निभाने में किसी तरह की लापरवाही बरती है। केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण के लिए जाटों की मांग पर विचार करने के लिए वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में भाजपा द्वारा नियुक्त उच्च अधिकार प्राप्त समिति ने खट्टर को इस विषय पर चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया है।

जाट प्रदर्शनकारियों के धरने पर बैठने के कारण रेल मार्ग 11 फरवरी को बंद कर दिया गया था। रेल अधिकारियों द्वारा मार्ग की जांच किए जाने के बाद यातायात बहाल किए जाने की उम्मीद है।

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