मुंबई: मुंबई की एक सत्र अदालत ने यहां पांच जनवरी, 2014 को आंध्र प्रदेश की युवती ईस्टर अहुंया के साथ लूट, दुष्कर्म, उसे जलाने और उसकी हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए 29 साल के चंद्रभान सुदम सनप को शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई। ईस्टर (23) एक सॉफ्टवेयर कंपनी ने कार्यरत थीं।
विशेष न्यायाधीश वृशाली जोशी ने चंद्रभान को इस मामले में मौत की सजा सुनाई। उसे 27 अक्टूबर को दोषी करार दिया गया था।
ईस्टर जनवरी 5, 2014 में अपने घर हैदराबाद से मुंबई आने के बाद लापता हो गई थी। आखिरी बार उसे लोकमान्य तिलक स्टेशन पर देखा गया था। करीब 11 दिन बाद उसकी लाश कंजुमार्ग में मिली थी।
पीड़िता के पिता जोनाथन प्रसाद और भाई थॉमस नोबल ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है।
प्रसाद ने अदालत के बाहर संवाददाओं से कहा, "न्याय हुआ है और हम पुलिस, अदालत तथा मीडिया के आभारी हैं। यह दूसरों के बचाव में मददगार होगा।"
आरोप था कि अपनी मोटरसाइकिल से उसे होस्टल तक छोड़ने की बात कहकर ईस्टर को विक्रोली ले गया था। उसने रास्ते में हाई-वे के पास लगी झाड़ियों में ले जाकर पहले उससे रेप किया। फिर हत्या करने के बाद पेट्रोल छिड़कर शव को जला दिया।
सानप के खिलाफ सबसे अहम सबूत कुर्ला स्टेशन की वह सीसीटीवी तस्वीर थी जिसमे वह हत्या के कुछ समय पहले ईस्टर के साथ चलता हुआ दिख रहा था।