नई दिल्ली: भारत के उत्तरी हिस्से में जिस तरह से हर घंटे मौसम बदल रहा है उससे लग रहा है कि कहीं ये किसी बड़े खतरे का इशारा तो नहीं क्योंकि 2 मई से मौसम लोगों को डरा रहा है। कभी धूल भरी आंधी चलने लगती है कहीं ओले बरसने लगते हैं। हर दिन खतरे का एक नया अलर्ट जारी हो रहा है। दुस्तान में इतने बड़े लेवल पर मौसम का अलर्ट इससे पहले कभी नहीं आया। अब खबर है कि 100 घंटे तक 23 राज्यों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
Related Stories
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में आज शाम आये आंधी तूफान में नौ लोगों की मौत हो गयी जबकि चार अन्य घायल हो गये । प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने बताया कि इटावा में चार, मथुरा में तीन और आगरा में एक व्यक्ति की मौत की खबर है। उन्होंने बताया कि हाथरस से मिली खबर के मुताबिक वहां आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी। अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आगरा, अलीगढ, मथुरा और फिरोजाबाद सहित प्रभावित जिलों में आंधी तूफान से हुए नुकसान आकलन करें और प्रभावित लोगों तक तत्काल मदद पहुंचायें ।
राजधानी दिल्ली के बिल्कुल करीब रोहतक और हिसार में जमकर ओले पड़े। तेज हवा और बारिश के ओले की वर्षा बता रहा है कि उत्तर भारत में किस कदर मौसम का मिजाज बिगड़ता जा रहा है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी दिन में अंधेरा छा गया और तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने तेज हवा के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक 13 मई तक हवाएं तूफान का रूप ले सकती हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 2 मई जैसा हाल एकबार फिर 11 मई और 12 मई को हो सकता है। बताया गया है कि आसमान फिर वैसा ही संयोग बन रहा है जब हवाएं बेकाबू रफ्तार से चलेंगी, बारिश और आंधी उत्तर भारत के बड़े इलाके पर अटैक करेगी।
इससे पहले 2 मई को राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश तक धूल भरी आंधी और तेज हवाएं ने गांव और शहर की सूरत बिगाड़ दी थी। तूफान जनित हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई।