ऊधम सिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर ज़िले की सितारगंज की सम्पूर्णानंद शिविर खुली जेल से धारा 302 के सजायाफ्ता दो कैदी फरार हो गये। यह दोनों सगे भाई है। जो हत्या के मामले में यहाँ सजा काट रहे थे। जेल के प्लाट में धान रोपाई के दौरान यह दोनों बंदीरक्षकों को चकमा देकर फरार हो गये। जिससे जेल में हड़कम्प मचा हुआ है। जिले के सितारगंज में सूबे की यह एक मात्र खुली जेल है, जिसे समूर्णानन्द शिविर खुली जेल के नाम से जाना जाता है। यहाँ ह्त्या के एक मामले में सजा पाये कैदी हंसराज उर्फ हंसा और हरवंस उर्फ बंसा अपनी सजा काट रहे थे।
खुली जेल में बंदी रक्षकों द्वारा 26 कैदियों को धान रोपाई के लिए सुबह आठ बजे जेल कैम्प के अन्दर शहतूत प्लाट में धान रोपाई के लिए लाया गया था। लेकिन जब सुबह 10 बजे करीब जेल में वापसी के दौरान बंदी रक्षको ने जब कैदियों की गिनती की तो हंसा व बंसा के नामक दो कैदी कम मिले,जो फरार हो गए थे ।
बंदीरक्षकों ने दो कैदी फरार होने की जानकारी जेलर मनोज कुमार को दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर एस एस पी नीलेश आनद भरने ने जिले की सीमाये सील करा कर चेकिंग शुरू करा दी।
जेल अधीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि इस मामले में बंदी रक्षक पीताम्बर भट्ट ओर कुंदन सिह ने लापरवाही बरती है उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही जाएगी। खुली जेल से फरार हुए हंसराज उर्फ हंसा और हरवंस उर्फ बंसा नामक भाइयो को धारा 302 व 25 आर्म एक्ट में 10 जनवरी 2008 को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। इन्हे अच्छे आचरण की वजह से 31 जुलाई 2011को देहरादून जेल से सितारगंज की सम्पूर्णानंद शिविर खुली जेल में सिफ्ट कर दिया गया था। तभी से ये दोनो कैदी सितारगंज की खुली जेल में रहकर अपनी सजा काट रहे थें। जहां से यह फरार हुए है।
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