
कैसी है यह खुली जेल-
राज्य के सितारगंज में 1960 में सम्पूर्णानंद शिविर खुली जेल स्थापना का उद्देश्य था कि अच्छे आचरण वाले कैदियों को खुली हवा में रखा जाये जिससे उनके भीतर सुधार हो सके और सजा के बाद वो अच्छे नागरिक तरह अपनी ज़िन्दगी बसर कर सके। यहाँ कैदियों को दस्तकारी के साथ खेती भी कराई जाती है। जेल के कैदी सामाजिक और धार्मिक कार्यो में भी अपनी हिस्सेदारी करते है। यहाँ का वातावरण ऐसा होता है कि कैदी यहाँ परिवार की तरह गुजर बसर करते है,किन्तु इसके बाद भी यहाँ से अकसर कैदियों के फरार होने घटनाये होती रहती है। अब जेल प्रशासन यहाँ पुख्ता सुरक्षा उपाए करने की बात कर रहा है।
अगली स्लइड में देखें जेल की वो तस्वीरे जहां से कैदी हुए फरार-