Published : Jun 19, 2015 07:20 am IST,
Updated : Jun 19, 2015 07:34 am IST
नई दिल्ली: पूरी दुनिया को कूटनीति और राजनीति का पाठ सिखाने वाले आचार्य चाणक्य ने धर्मनीति और कर्मनीति के बारे में भी गूढ़ बातें बताई हैं। इतना ही नहीं आचार्य ने कुछ ऐसे विचार भी
शेर भूखा हो लेकिन इसके बाद भी वह तिनका नहीं खाता।
एक ही देश के दो शत्रु परस्पर साथी होते हैं।
आपातकाल में साथ देने और स्नेह करने वाला व्यक्ति ही मित्र होता है।