लातूर (महाराष्ट्र): मराठवाड़ा में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और लातूर जिले में तो बहुत ही बुरा हाल है। लातूर की प्यास बुझाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने आज एक बड़ी पहल की। रेलवे की मदद से पानी के टैंकर वाली एक ट्रेन को सांगली से लातूर के लिए रवाना किया गया। प्यासे मराठवाड़ा के लिए ये ट्रेन बड़ी उम्मीद है। लातूर की प्यास बुझाने के लिए आज पहली वाटर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई।
पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली के मिराज रेलवे स्टेशन से पानी के टैंकर वाली ट्रेन लातूर के लिए रवना हुई। पहले दिन 10 टैंकर में पानी भरकर लातूर भेजा गया। एक टैंकर में 50 हजार लीटर पानी था यानी ये वाटर एक्सप्रेस 5 लाख लीटर पानी लेकर लातूर रवाना हुई। रेलवे ने महाराष्ट्र सरकार को पानी की सप्लाई के लिए 50 टैंकर वाली ट्रेन उपलब्ध कराई है लेकिन पहले दिन सिर्फ 10 वैगन में ही पानी भरा जा सका।
महाराष्ट्र में पानी की सप्लाई के लिए ये टैंकर खासतौर पर राजस्थान के कोटा से मंगाए गए हैं। कभी इन वैगन में डीजल और पेट्रोल की ढुलाई होती थी लेकिन अब इसका इस्तेमाल पानी की सप्लाई के लिए किया जाएगा। महाराष्ट्र भेजने से पहले डिब्बों को भाप से अच्छी तरह धुला गया। लातूर शहर में फिलहाल 400 टैंकर से पानी की सप्लाई हो रही है और गांवों में 200 टैंकर से पानी भेजा जा रहा है।
जाहिर है सिर्फ एक ट्रेन से प्यास तो नहीं बुझेगी लेकिन प्यास से तड़पते मराठवाड़ा के लिए ये पानी बड़ी राहत से कम नहीं है। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि मिराज रेलवे स्टेशन पर पानी भरने के लिए तैयारी की जा रही है ज्यों ही सिस्टम तैयार हो जाएगा ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए जाएंगे।