
आपको बता दें कि शीर्ष अदालत में करीब 20 डिप्टी रजिस्ट्रार हैं। इनमें से कुछ न्यायपालिका के बाहर से शामिल किये गये हैं। प्रो. अनूप सुरेंद्रनाथ दिल्ली स्थित नेशनल लॉ यूनीवर्सिटी के संकाय सदस्य और मृत्युदंड शोध परियोजना के निदेशक हैं। मेमन को फांसी देने के फरमान पर रोक के लिए दायर याचिका के साथ भी वह जुड़े हुए थे।
अपने इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि वह कई कारणों से कुछ समय से इस बारे में सोच रहे थे, लेकिन शीर्ष अदालत में इस सप्ताह जो कुछ भी हुआ उसने इसमें अहम भूमिका निभा दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने यूनीवर्सिटी में मृत्युदंड के कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिये शीर्ष अदालत में अपने पद से इस्तीफा दिया है।
प्रो. अनूप सुरेंद्रनाथ ने अपने इस्तीफे के बारे में सोशल नेटवर्किंग साइट पर लिखा था। इस संबंध में संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में और कुछ नहीं कहना है।