1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. इंडियन कोस्ट गार्ड में शामिल हुआ 'अदम्य', आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम, जानें इसकी खासियत

इंडियन कोस्ट गार्ड में शामिल हुआ 'अदम्य', आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम, जानें इसकी खासियत

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 26, 2025 02:58 pm IST,  Updated : Jun 26, 2025 02:58 pm IST

अदम्य इंडियन कोस्ट गार्ड का पहला फास्ट पैट्रोल वेसल है। इसमें उपयोग किए गए 60 फीसदी पुर्जे और अन्य सामान भारत में ही बने हैं। ऐसे में यह भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।

Adamya- India TV Hindi
अदम्य को बेडे़ में शामिल करने के दौरान ICG अधिकारी Image Source : X/ICG

देश का पहला फास्ट पैट्रोल वेसल अदम्य इंडियन कोस्ट गार्ड में शामिल हो चुका है। गुरुवार (26 जून) को भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) में प्रतिष्ठित 8 एफपीवी परियोजना के तहत अदम्य को अपने बेड़े में शामिल किया। पहले फास्ट पैट्रोल वेसल (एफपीवी) यार्ड 1271 ‘आदम्य’ को शामिल करके आईसीजी समुद्री सुरक्षा और स्वदेशी जहाज निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है।

अदम्य को अपने बेड़े में शामिल करने की जानकारी देते हुए आईसीजी की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया "भारत ने अपनी समुद्री ताकत को मजबूत किया! भारतीय तटरक्षक बल ने 8 फास्ट पैट्रोल वेसल परियोजना के तहत गोवा में शिपयार्ड में पहले फास्ट पैट्रोल वेसल ‘आदम्य’ को शामिल किया। 60 फीसदी स्वदेशी सामग्री से बना यह फास्ट पैट्रोल वेसल आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की शक्ति को दर्शाता है और तटीय सुरक्षा, ईईजेड गश्त और एसएआर ऑप्स को बढ़ावा देता है।"

2024 में हुआ था लॉन्च

भारतीय तटरक्षक बल ने 28 अक्टूबर, 2024 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित 60% से अधिक स्वदेशी सामग्री वाले दो फास्ट पैट्रोल वेसल 'आदम्य' और 'अक्षर' को एक साथ लॉन्च किया था। ये जहाज जीएसएल के साथ आठ ऐसे फास्ट पैट्रोल वेसल के लिए हस्ताक्षरित अनुबंध का हिस्सा हैं, जिन्हें 473 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है। आधुनिक तकनीकि से लैस ये फास्ट पैट्रोल वेसल सुरक्षा, निगरानी, ​​नियंत्रण और निगरानी की प्राथमिक भूमिका के साथ अपतटीय संपत्तियों और द्वीप क्षेत्रों की रक्षा में मदद करेंगे।

क्या है खासियत?

अदम्य के लॉन्च के समय पीआईबी की तरफ से बताया गया था कि हर एफपीवी की लंबाई 52 मीटर, चौड़ाई 8 मीटर और अधिकतम गति 27 नॉट होगी। इनमें पिच प्रोपेलर-आधारित प्रणोदन प्रणाली है, जिसे कंट्रोल किया जा सकता है और इसका डिस्प्लेसमेंट 320 टन है। इन जहाजों को अमेरिकी शिपिंग ब्यूरो और भारतीय शिपिंग रजिस्टर के कड़े दोहरे वर्ग प्रमाणन के तहत आईसीजी की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन और निर्मित किया गया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत