सावन में आस्था के कई रंग देखने को मिलते हैं ऐसा ही एक अद्भुत नज़ारा मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर देखने को मिला। बाबाधाम जाने वाले अधिकांश कांवरिए अपने कंधों पर चार से पांच या अधिक से अधिक सात फीट का कांवड़ लेकर जल अर्पित करने निकलते हैं। लेकिन मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर इस बार जो कांवड़ दिखाई दिया, उसने हर किसी को पलभर के लिए रुकने पर मजबूर कर दिया। वजह थी इसकी 54 फीट की विशालकाय लंबाई। इसे उठाने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि एक साथ नौ कांवरियों की जरूरत पड़ती है। सैकड़ों श्रद्धालुओं का यह जत्था भक्ति, एकता और सनातन संस्कृति का संदेश देते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहा है।
विशाल शिवधारी संघ ने तैयार किया कांवड़
54 फीट लंबे इस भव्य कांवड़ को पटना सिटी के श्री श्री विशाल शिवधारी संघ ने तैयार किया है। हर साल उनका उद्देश्य सिर्फ जल चढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और विश्व शांति का संदेश देना भी है। रंग-बिरंगी सजावट, देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और घुंघरुओं से सजा यह कांवड़ कच्ची कांवरिया पथ पर जहां से भी गुजर रहा है, लोग रुककर इसे देख रहे हैं और मोबाइल में इसकी तस्वीरें कैद कर रहे हैं
एक साथ कई कांवरिए उठा रहे हैं कांवड़
इस विशाल कांवड़ को एक साथ कई कांवरिए अपने कंधों पर उठाते हैं। इस पूरे जत्थे में 500 से ज़्यादा श्रद्धालु शामिल हैं, जो बारी-बारी से कांवड़ उठाकर सुल्तानगंज से मुंगेर होते देवघर तक की 105 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर रहे हैं और पूरे रास्ते ढोल-मंजीरे और बोल बम के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
सिर्फ 48 घंटे में तैयार किया गया कांवड़
श्रद्धालुओं का कहना है कि इस 54 फीट लंबे कांवड़ को केवल 48 घंटे में तैयार किया गया। इस 54 फीट लंबे इस कांवड़ ने यह साबित कर दिया कि जब श्रद्धा अटूट हो, तो भक्ति का आकार भी असाधारण हो जाता है। यही वजह है कि मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर यह विशाल कांवड़ हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मुंगेर से इम्तियाज खान की रिपोर्ट
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