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कोर्ट ने शादी का झांसा देकर महिला से बलात्कार करने के आरोपी को नहीं दी अग्रिम जमानत

 Edited By: Pankaj Yadav
 Published : Nov 25, 2022 03:02 pm IST,  Updated : Nov 25, 2022 03:02 pm IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने शादी के बहाने एक महिला पर यौन हमला करने और उसका गर्भपात कराने के आरोपी एक व्यक्ति को यह कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया कि उसने कभी शादी की नीयत नहीं दिखायी और महिला को गलतफहमी में रखा।

फाइल फोटो- India TV Hindi
फाइल फोटो Image Source : ANI

दिल्ली हाईकोर्ट ने शादी के बहाने एक महिला पर यौन हमला करने और उसका गर्भपात कराने के आरोपी एक व्यक्ति को यह कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया कि उसने कभी शादी की नीयत नहीं दिखायी और महिला को गलतफहमी में रखा। हाईकोर्ट ने कहा कि वैसे तो आरोपी के वकील ने कहा है कि आपसी मिजाज में अंतर के चलते उसने उससे शादी करने से इनकार कर दिया लेकिन तथ्य यह बताते हैं कि उसने शादी की दिशा में कभी कदम उठाने की चेष्टा ही नहीं की। न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने कहा, ‘‘ बल्कि तथ्य तो यह दर्शाते हैं कि वह आपसी संबंध खराब होने तक शादी से कन्नी काटता रहा, उसने उसका गर्भपात करा दिया। उसने हमेशा पीड़िता को इस गलतफहमी में रखा कि वह उससे शादी करेगा जबकि उसने उससे ब्याह करने की कभी नीयत नहीं दिखायी। ’’ 

शादी का झांसा देकर किया बलात्कार

न्यायमूर्ति खन्ना ने 22 नवंबर को जारी अपने आदेश में कहा, ‘‘ इस व्यक्ति के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया है, ऐसे में याचिकाकर्ता (आरोपी) को अग्रिम जमानत देने का मामला ही नहीं बनता है। यह याचिका खारिज की जाती है।’’ महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस व्यक्ति ने शादी के बहाने उसका शारीरिक शोषण किया और जब उसने ऐतराज किया तो उसने वादा किया कि वह उससे शादी करेगा। शिकायत में कहा गया है, ‘‘ इस वादे के साथ इस व्यक्ति ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जिससे वह गर्भवती हो गयी।’’ शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसने (आरोपी) उसे कुछ गोलियां दीं जिससे उसका गर्भपात हो गया। 

आरोपी के खिलाफ गैर जमानत वारंट जारी किया गया

अतिरिक्त सरकारी वकील अमित साहनी ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध किया और कहा कि पीड़िता ने उसे एक सीडी सौंपी है जिसमें फोन पर आरोपी द्वारा दी गयी धमकियों की रिकार्डिंग है। उन्होंने कहा कि चूंकि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, इसलिए उसके विरूद्ध गैर जमानत वारंट जारी किए गए। उस व्यक्ति ने अग्रिम जमानत के लिए एक लोअर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसकी याचिका को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद वह मामला हाईकोर्ट के समक्ष आया।

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