लखनऊ: महाराष्ट्र और यूपी ATS ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक जॉइंट ऑपरेशन में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक एजेंट सहित 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इनके एक साथी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था जो भारतीय सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान में बैठे आका को भेजा करता था। महाराष्ट्र एटीएस की जुहू इकाई ने उत्तर प्रदेश की एटीएस टीम के साथ मुंबई के जोगेश्वरी उपनगर में छापा मारा और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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पहले भी गिरफ्तार हुआ था एक एजेंट
गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों की पहचान 62 साल के अरमान सैय्यद और 24 साल के मोहम्मद सलमान सिद्दीकी के रूप में हुई है। यूपी एटीएस के मुताबिक, सैय्यद एक ISI एजेंट है और मोहम्मद सलमान भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करता था। दोनों एक अन्य संदिग्ध ISI एजेंट मोहम्मद रईस के साथ मिलकर जासूसी के कामों को अंजाम देते थे। रईस मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा का निवासी है और उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे कथित तौर पर भारतीय सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान में बैठे आका को भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
मुंबई में मिले थे अरमान और सिद्दीकी
बता दें कि यूपी एटीएस ने बीते 16 जुलाई को मोहम्मद रईस को गिरफ्तार किया था। रईस ने पूछताछ में बताया था कि जब वह मुंबई में काम करता था तभी उसकी मुलाकात अरमान से हुई थी जिसने भारत में कथित तौर पर मुसलमानों पर हो रहे जुल्म और बाबरी मस्जिद की शहादत का जिक्र कर उसे भारत के विरूद्ध जासूसी के लिए उकसाया था। अरमान ने ही रईस का नंबर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट को उपलब्ध करवाया और रईस का पाकिस्तानी एजेंट्स से संपर्क करवाया।
रईस ने पूछताछ में खोल दिए थे सारे राज
रईस ने अरमान के कहने पर ही सलमान को जासूसी करने के लिए प्रेरित किया था और पाकिस्तान से आए पैसे से अपना हिस्सा लेने के बाद बाकी की रकम रईस के बैंक खाते में जमा कराई थी। अरमान पेशे से प्लंबर था जबकि सलमान पुताई का काम किया करता था। रईस से पूछताछ में सामने आई बातों की पुष्टि के बाद मुंबई से अरमान और सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया। अरमान और सलमान को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद सोमवार को उत्तर प्रदेश एटीएस को सौंप दिया गया।