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भारत में भूकंप के जोरदार झटके, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Nov 09, 2025 12:58 pm IST,  Updated : Nov 09, 2025 01:01 pm IST

अंडमान के पास समुद्र में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 बताई गई है। फिलहाल भूकंप के बाद हुए नुकसान के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है।

अंडमान के समुद्री इलाके में आया भूकंप।- India TV Hindi
अंडमान के समुद्री इलाके में आया भूकंप। Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE

अंडमान के पास समुद्र में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 बताई गई है। भूकंप का केंद्र 90 किमी की गहराई में था। यह भूकंप 12 बजकर 6 मिनट पर महसूस किया गया। फिलहाल भूकंप के बाद हुए नुकसान के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। 

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।

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