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एथेनॉल ब्लेंडिंग पर पेट्रोलियम मंत्री का बड़ा बयान, कहा- 'आप कमी निकालें, हम सुधार करेंगे'

 Published : Jul 04, 2026 09:49 pm IST,  Updated : Jul 04, 2026 09:49 pm IST

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वह आलोचना का स्वागत करते हैं और लोगों के सुझाव पर कमियां सुधारने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने इन अफवाहों पर भी बात की, जो इथेनॉल को लेकर फैलाई जा रही थीं।

Hardeep singh Puri- India TV Hindi
हरदीप सिंह पुरी Image Source : X/ANI

केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राजस्थान के जोधपुर में इथेनॉल ब्लेंडिंग पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने लोगों से कहा कि वह उनके काम में कमियां निकालें। कमियों को ठीक किया जाएगा और सही सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसी अफवाह फैला रहे थे कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से कीड़े लगेंगे और इंजन फेल हो जाएगा, लेकिन अब तक किसी भी गाड़ी में ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि इथेनॉल के इस्तेमाल का कॉन्सेप्ट नया नहीं है। इस पर एक सदी से अलग-अलग देशों में काम चल रहा है।

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में आपने सोशल मीडिया पर बायोफ्यूल ब्लेंडिंग को लेकर कई पोस्ट देखी होंगी। मैं आलोचना का स्वागत करता हूं। अगर आपको लगता है कि हम जो काम कर रहे हैं उसमें कोई कमी है, तो कृपया उन्हें बताएं और हम आपकी बात सुनेंगे। हम आपके सुझावों को अपने काम में शामिल करेंगे और जरूरी सुधार करेंगे।"

अफवाहों का खंडन किया

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उन अफवाहों पर गौर करें जो फैलाई जा रही थीं। पहली अफवाह यह थी इथेनॉल का इस्तेमाल करने से कीड़े लगेंगे। दूसरी अफवाह थी कि इथेनॉल का इस्तेमाल करने से इंजन फेल हो जाएगा या खराब हो जाएगा या फ्यूल पंप काम करना बंद कर देगा। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ऐसा कुछ भविष्य में भी नहीं होगा।

इथेनॉल का कॉन्सेप्ट नया नहीं

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि इथेनॉल का उपयोग अलग-अलग देशों में लंबे समय से हो रहा है। भारत के लिए यह नया हो सकता है, लेकिन कई सालों से वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर आजमाने के बाद यह फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा, "हमने इथेनॉल के इस्तेमाल का कॉन्सेप्ट नहीं बनाया। इस पर एक सदी से काम चल रहा है। फोर्ड मोटर कंपनी के मालिक हेनरी फोर्ड अपने समय में बायोफ्यूल, केरोसीन और फॉसिल फ्यूल का इस्तेमाल करके कारें चलाते थे। जहां तक भारत की बात है, कांग्रेस सरकार ने सबसे पहले इसके लिए एक प्लान बनाया था। मुझे ब्राजील में राजदूत के तौर पर अपना समय याद है। खासकर 2006 और 2008 के बीच। उस समय शरद पवार कृषि मंत्री थे। हमने दस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मिलाकर 5% बायोफ्यूल हासिल करने का टारगेट रखा था। हालांकि हम इसे पूरा नहीं कर पाए। हम 1.4% पर रुक गए।"

रेसिंग कारों में भी इथेनॉल का इस्तेमाल

हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को कहा था, "कोई कह रहा है कि फ्यूल माइलेज कम होने वाला है। अब यह बात अच्छी तरह से पता चल गई है कि इथेनॉल का इस्तेमाल रेसिंग कारों में भी होता है। एक्सेलरेशन बेहतर होता है। नॉकिंग भी बेहतर होती है। माइलेज थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन यह कई वजहों से कम होता है। SIAM और ARAI समेत सभी स्टेकहोल्डर्स से सलाह करने के बाद हम इस स्टेज पर पहुंचे हैं। कोई कहता है, 'आपका इंश्योरेंस अब इसे कवर नहीं करेगा'। इंश्योरेंस कंपनियों ने पहले ही साफ कर दिया है कि ऐसा कोई मामला नहीं है। यह झूठी बात फैलाने से किसे फायदा होता है? मैं कोई इल्जाम नहीं लगाने वाला, लेकिन एक बात बहुत साफ होनी चाहिए। भारत के बढ़ते कंज्यूमर मार्केट में सभी टेक्नोलॉजी के एक साथ रहने के लिए काफी जगह है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों, बायोफ्यूल ब्लेंडेड गाड़ियों के लिए जगह है, और हम अभी सिर्फ 20 परसेंट इथेनॉल ब्लेंडिंग पर हैं। अगर हम 20 परसेंट से 25 परसेंट पर जाते हैं, तो यह सभी जरूरी टेस्ट पूरे होने के बाद ही होगा।"

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