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खनौरी और शंभू बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात, जानिए धरना दे रहे किसानों की मांगें क्या हैं?

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Mar 19, 2025 11:15 pm IST,  Updated : Mar 19, 2025 11:15 pm IST

इससे पहले चंडीगढ़ में किसानों और सरकार के बीच सातवें दौर की बातचीत बेनतीजा रही। हालांकि, बाचतीत में शामिल केंद्रीय मंत्रियों ने किसानों के हित को सर्वोपरि बताया।

farmers protest- India TV Hindi
किसान आंदोलन Image Source : PTI/FILE

शंभू बॉर्डर: खनौरी और शंभू बॉर्डर पर अपनी मांगों के समर्थन में धरना दे रहे किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।  पुलिस ने सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई किसान नेताओं को बुधवार को मोहाली में उस दौरान हिरासत में ले लिया, जब वे यहां एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद शंभू और खनौरी धरना स्थलों की ओर जा रहे थे। वहीं खनौरी और शंभू बॉर्डर पर लगे किसानों के टेंट हटाए जा रहे हैं। किसान नेता गुरमनीत सिंह मंगत ने यह भी चिंता व्यक्त की कि पंजाब पुलिस पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित दो आंदोलन स्थलों से प्रदर्शनकारियों को हटा सकती है। 

खनौरी और शंभू बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात है। ताजा जानकारी के मुताबिक धरना स्थल को खाली करा लिया गया है। पटियाला में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा पिछले साल फरवरी से आंदोलन कर रहे हैं। इनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

किसानों की मांगें

  1. सभी 23 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की गारंटी मिले
  2. किसानों पर जितने भी कर्ज हैं उन्हें माफ किया जाए। 
  3. सभी फसलों  की कीमत स्वामीनाथन आयोग के अनुसार लागत से 50 प्रतिशत अधिक दिया जाए
  4. भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को बहाल करने की मांग
  5. किसानों के लिए प्रति माह 10 हजार रुपये की पेंशन व्यवस्था लागू की जाए
  6. बिजली संशोधन बिल 2022 को रद्द करने की मांग
  7. लखीमपुर खीरी हिंसा में घायल किसानों को उचित मुआवजा मिले
  8. लखीमपुरी खीरी हिंसा के आरोपियों को कड़ी सजा मिले
  9. कृषि कानूनों को लेकर चले आंदोलन के चलते किसानों पर जो केस दर्ज हुए हैं, उसे वापस लिया जाए
  10. किसान आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले
  11. किसान आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार में से किसी एक को नौकरी दी जाए

बातचीत बेनतीजा

इससे पहले चंडीगढ़ में किसानों और सरकार के बीच सातवें दौर की बातचीत बेनतीजा रही। हालांकि, बाचतीत में शामिल केंद्रीय मंत्रियों ने किसानों के हित को सर्वोपरि बताया। तीन घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वार्ता जारी रहेगी और अगली बैठक चार मई को होगी। शिवराज ने कहा, “सौहार्दपूर्ण माहौल में सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई। बातचीत जारी रहेगी। अगली बैठक चार मई को होगी।” हालांकि, उन्होंने मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। चर्चा मुख्य रूप से फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पर केंद्रित रही। 

शिवराज, पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी ने की बात

किसान नेताओं ने जोर देकर कहा कि (फसलों के लिए) एमएसपी की गारंटी देने वाले कानून को लागू करने में कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया है कि अमेरिकी सरकार भारत सरकार पर कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क हटाने के लिए दबाव डाल रही है। शिवराज के अलावा उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी चंडीगढ़ में सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी लोक प्रशासन संस्थान में आयोजित वार्ता में शामिल हुए। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने भी बातचीत में हिस्सा लिया। यह पिछले साल फरवरी के बाद से दोनों पक्षों के बीच सातवें दौर की वार्ता थी। 

सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

शिवराज ने किसानों को संबोधित करते हुए दोहराया कि सरकार उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार देशभर में किसानों के समक्ष आ रही समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह नियमित रूप से नीतिगत हस्तक्षेप करती आई है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक में किसानों की विभिन्न मांगों के कानूनी, आर्थिक और अन्य पहलुओं पर विचार किया गया। इसमें कहा गया है कि चर्चा के आधार पर सरकार ने देशभर के किसान संगठनों के अलावा राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों, व्यापारियों, निर्यातकों तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग सहित अन्य हितधारकों के साथ परामर्श करने का फैसला लिया है। 

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