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"सरकार सिर्फ एक ऐसी नियुक्ति बताए जहां मैंने RSS या BJP के लोगों को नियुक्त किया है, अगर आरोप साबित हुए तो इस्तीफा दे दूंगा"

 Edited By: Pankaj Yadav @ThePankajY
 Published : Nov 18, 2022 02:04 pm IST,  Updated : Nov 18, 2022 02:04 pm IST

राज्यपाल और सत्तारूढ़ वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (LDF) के बीच टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति से जुड़ा है।

आरिफ मोहम्मद खान- India TV Hindi
आरिफ मोहम्मद खान

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने संवैधानिक पद का राजनीति के लिए इस्तेमाल करने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह किसी संगठन से जुड़े व्यक्ति की नियुक्ति के सबूत मिलने पर इस्तीफा देने तक को तैयार हैं, जिन्हें राज्य सरकार ‘‘राजनीतिक रूप से पेरशानी खड़ा करने वाला’’ मानती है। राज्य में उनके और सत्तारूढ़ वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (LDF) के बीच काफी समय से गतिरोध जारी है। दोनों के बीच टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति से जुड़ा है। खान ने कहा कि उनका काम यह देखना है कि सरकार कानून के तहत काम करे। 

RSS या BJP का एक आदमी ऐसा नहीं जिसकी नियुक्ति मैंने की हो

आरिफ मोहम्मद खान ने बताया कि वह अपने पद का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिकरण कहां हो रहा है? मैं पिछले तीन साल से यह कह रहा हूं, आप कह रहे हैं कि मैं RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) का एजेंडा लागू कर रहा हूं। मुझे एक नाम बताएं, सिर्फ एक उदाहरण दें, जहां मैंने उन संगठनों से संबंधित किसी को भी नियुक्त किया हो, जिसे आप लोग राजनीतिक रूप से परेशानी खड़े करने वाला बताते हैं। जैसे आरएसएस, भाजपा एक नाम दें जिसकी नियुक्ति मेरे नाम पर की गई हो। मैं इस्तीफा दे दूंगा।’’ उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा करे तो यह पद का राजनीतिक इस्तेमाल हो सकता है। ‘‘ मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है और ना ही मुझ पर ऐसा कुछ करने का दबाव है।’’ 

लेफ्ट विंग ने RSS और BJP के खिलाफ खोला था मोर्चा

वाम दलों ने मंगलवार को राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में राजभवन तक विरोध मार्च निकाला था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा था कि शिक्षा एवं युवाओं की चेतना पर नियंत्रण कायम कर भारत को ‘‘फासीवादी हिंदुत्व राष्ट्र’’ के रूप में तब्दील करने के भाजपा-आरएसएस के एजेंडे को लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों से जुड़े मामलों में गैर भाजपा शासित राज्यों में राज्यपाल को ‘‘सरकारों के विरूद्ध खड़ा किया जा रहा है।’’

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