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VIDEO: कर्जे से परेशान हुईं महाकुंभ की वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया, धर्म की राह छोड़ी, अब ये काम करेंगी

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jan 14, 2026 08:21 am IST,  Updated : Jan 14, 2026 08:22 am IST

प्रयागराज महाकुंभ से वायरल हुईं हर्षा रिछारिया ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने वीडियो पोस्ट कर कहा है कि जिस धर्म पर चलने का उन्होंने संकल्प लिया था, वह उसे छोड़कर अपने पुराने पेशे में वापसी करेंगी।

Harsha Richhariya- India TV Hindi
हर्षा रिछारिया Image Source : HARSHA RICHHARIYA/INSTAGRAM

नई दिल्ली: महाकुंभ में अपने धार्मिक रूप और बयानों की वजह से वायरल हुईं हर्षा रिछारिया एक बार फिर चर्चा में है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो पोस्ट करके ये जानकारी दी है कि वह उधारी में जी रही हैं और अब उन्होंने धर्म पर चलने के संकल्प को पूरी तरह विराम देने का फैसला किया है और इसके बाद वह अपने पुराने काम को वापस शुरू करेंगी।

बता दें कि हर्षा रिछारिया, महाकुंभ में आने से पहले एंकरिंग किया करती थीं। हर्षा का दावा है कि उन्हें इंडिया से ज्यादा इंडिया के बाहर एंकरिंग का काम मिलता था, जिससे उनका जीवन अच्छे से चल रहा था। लेकिन धर्म के रास्ते पर आने के बाद वह उधारी में जी रही हैं।

हर्षा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में क्या कहा?

हर्षा रिछारिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, "जय श्री राम, प्रयागराज महाकुंभ-2025 से शुरू हुई यह कहानी अब खत्म हो रही है। अब बस बहुत हुआ, अब और नहीं सहना। बीते एक साल से लगातार विरोध का सामना किया है। मेरे चरित्र पर सवाल उठाए गए। मैं धर्म के मार्ग पर चलकर जो कुछ भी करने की कोशिश कर रही थी, उस पर सवाल उठाए गए, विरोध किया गया।"

मैं सीता नहीं हूं, जो हर बार अग्नि परीक्षा दूं: हर्षा

हर्षा ने कहा, "मैं सीता नहीं हूं, जो हर बार अग्नि परीक्षा दूं। मैंने जितनी परीक्षाएं देनी थीं, जितना कुछ करना था, मैंने कर लिया। तो भाई आप अपना धर्म अपने पास रखिए। मैं कोई मां सीता नहीं हूं कि अग्नि परीक्षा दूंगी।"

पुराना काम वापस करूंगी, उसमें ना विरोध, ना चरित्र हनन, ना उधारी: हर्षा

हर्षा ने कहा, "अब इस मौनी अमावस्या में माघ मेले में मैं अपना स्नान करूंगी और उस स्नान के साथ जो धर्म पर चलने का संकल्प मैंने लिया था, उस संकल्प को मैं पूर्णता विराम दूंगी। मैं वापस अपना पुराना काम करूंगी, जिसमें ना ही कोई विरोध था, ना ही कोई चरित्र हनन जैसा कुछ था, ना ही उधारी थी।"

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