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'चीन और भारत के रिश्ते कुछ साल पहले की तुलना में बेहतर हैं', अमेरिका में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

 Written By: Subhash Kumar
 Published : Sep 30, 2026 07:58 am IST,  Updated : Sep 30, 2026 09:09 am IST

अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि चीन और भारत के रिश्ते कुछ साल पहले की तुलना में बेहतर हुए हैं। आइए जानते हैं कि जयशंकर ने इस बारे में और क्या कुछ कहा है।

S Jaishankar on india china ties- India TV Hindi
भारत-चीन के रिश्तों पर बोले एस जयशंकर। Image Source : PTI

भारत और चीन के बीच बीते कुछ वर्षों से जारी तनाव अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। हाल के कुछ दिनों में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कई बार मुलाकात भी हुई है। अब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अमेरिका में भारत-चीन के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। एस जयशंकर ने कहा है कि बीते कुछ साल की तुलना में आज भारत और चीन के रिश्ते बेहतर हैं। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया है कि जैसे-जैसे सीमा विवाद सुलझ रहे हैं, भारत और चीन के बीच रिश्ते सामान्य हो रहे हैं।

क्या बोले जयशंकर?

दरअसल, एस जयशंकर सोमवार को न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारत-चीन संबंधों पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। इस दौरान एस जयशंकर ने कहा- "अगर आप मुझसे पूछें कि 2025 की स्थिति की तुलना में आज रिश्ते बेहतर हैं या नहीं, तो मैं कहूंगा कि हां। 2024 की तुलना में तो ये और भी बेहतर हैं।" बता दें कि हाल के दिनों में भारत और चीन के रिश्तों में सुधार देखने को मिला है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग भी लिया था।

संबंधों पर वास्तव में असर पड़ा था- जयशंकर

भारत और चीन के बीच रिश्तों पर बात करते हुए एस जयशंकर ने कहा कि "ये बहुत बड़ा संरचनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि चीजों में सुधार का एक कारण यह है कि स्थिति इतनी ज्यादा पटरी से उतर गई थी कि जैसे ही आपने इसे स्थिर किया, इसमें सुधार होना ही था। साल 2020 में जो हुआ (गलवान झड़प) और उसके बाद सीमा पर लंबे समय तक जो गतिरोध रहा, उससे भारत और चीन के बीच संबंधों पर वास्तव में असर पड़ा था।" जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के सीमा पर गतिरोध के बाद दोनों देशों के बीच सभी सामान्य संपर्क रुक गए थे। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापार जारी रहा, लेकिन इस दौरान आधिकारिक आदान-प्रदान, वीजा जारी करने और उड़ानों पर असर पड़ा। इसलिए जैसे ही सीमा पर गतिरोध का समाधान हुआ, तो स्वाभाविक था कि इसमें सुधार शुरू होता।

तीसरे पक्ष फायदा उठाएंगे- जयशंकर

विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि भारत, चीन के सामने लंबे समय से ये तर्क रख रहा था कि दोनों देशों के बीच गतिरोध और संबंधों में गिरावट से किसी को भी फायदा नहीं है। असल में तीसरे पक्ष इस बात का फायदा उठाएंगे। जयशंकर ने आगे बताया कि भारत ने विदेश नीति के एक बुनियादी सिद्धांत को हमेशा याद रखा कि ऐसे किसी भी समस्या या विवाद में लंबे समय तक नहीं उलझे रहना चाहिए, जिससे किसी तीसरे देश को फायदा हो। जयशंकर ने कहा कि जैसे-जैसे सीमा की स्थिति सामान्य स्थिति की ओर लौट रही है, संबंध भी सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। 

बिल्कुल अलग अमेरिका के साथ तालमेल बैठा रहे- जयशंकर 

एस जयशंकर ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान अमेरिका को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया साफ तौर पर ज्यादा बहुध्रुवीयता (मल्टी-पोलर) की ओर जा रही है। जयशंकर ने आगे कहा कि आज हम एक बिल्कुल अलग अमेरिका के साथ तालमेल बैठा रहे हैं और इस बात को ध्यान में रख रहे हैं कि अमेरिका और चीन के बीच भी एक तरह की बातचीत जारी है। (इनपुट: भाषा)

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