सोमवार को एस. जयशंकर के साथ वांग यी की बैठक में कई अन्य पहलों को अंतिम रूप दिया गया था, जिनमें जल्द से जल्द सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करना और एक नए हवाई सेवा समझौते को अंतिम रूप देना शामिल है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपनी भारत यात्रा के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। वांग यी ने SCO सम्मेलन के लिए पीएम मोदी को निमंत्रण सौंपा है।
भारत और चीन के बीच सीमा पार व्यापार में मसाले, कालीन, लकड़ी के फर्नीचर, औषधीय पौधे, मिट्टी के बर्तन, पशु चारा, ऊन और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी स्थानीय चीजों का लेन-देन होता था।
चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि तनावपूर्ण रिश्ते किसी भी पक्ष के लिए फायदेमंद नहीं हैं।
भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार का दौर जारी है। जून 2020 में गलवान घाटी हिंसा के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में चल रहा तनाव अब दूर होने लगा है। साथ ही दोनों देशों के संबंधों में मजबूती का दौर शुरू हो गया है।
भारत और चीन के बीच बीजिंग में कूटनीतिक वार्ता के दौरान कई मुद्दों को लेकर व्यापक तौर पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने आगामी विशेष प्रतिनिधि बैठक के लिए पर्याप्त तैयारी करने पर सहमति जताई है।
भारत और चीन करीब 4 वर्षों बाद फिर से शांति की राह पर चल पड़े हैं। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की बीजिंग यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों में सुधार को गति दे दी है। बृहस्पतिवार को डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच कई बिंदुओं पर सहमति बनी।
भारत और चीन के बीच सीमा मुद्दे को लेकर बीजिंग में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में भारत के NSA अजित डोवाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने बुधवार को बीजिंग में मुलाकात की। उन्होंने 2025 में भारत-चीन के राजनयिक संबंधों 75 साल होने से पहलो दोनों देशों के रिश्तों में सुधार पर जोर दिया।
करीब 4 वर्षों तक जारी भयानक तनाव के बाद अब भारत और चीन के बीच संबंधों का नया अध्याय शुरू हो चुका है। भारत-चीन सीमा पर शांति बहाली और दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए भारत के NSA अजीत डोभाल ने बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री के साथ अहम वार्ता शुरू की है।
भारत और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को दूर करने की दूसरी कड़ी में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बीजिंग पहुंच गए हैं। वह भारत-चीन के संबंधों को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
पीएम मोदी-जिनपिंग की वार्ता से दो पड़ोसी देशों और दुनिया के दो सबसे बड़े राष्ट्रों के रूप में भारत-चीन के बीच स्थिर, पूर्वानुमानित और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति व समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा-यह बहुध्रुवीय एशिया और बहुध्रुवीय विश्व में भी योगदान देगा।
भारत-चीन के बीच वास्तवि नियंत्रण रेखा पर 3 वर्षों से अधिक समय से चले आ रहे जबरदस्त तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 21वें दौर की सैन्य वार्ता में भारत और चीन की सेनाएं सीमा पर शांति और सौहार्द्र कायम रखने के लिए सहमत हुई हैं। हालांकि विवादित क्षेत्रों का अब भी कोई हल नहीं निकल सका है।
जी-20 समिट में भाग लेने आए चीनी विदेश मंत्री छिन गांग विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर भारतीय समकक्ष एस.जयशंकर से मुलाकात कर सकते हैं। छिन गांग ने पिछले साल ही विदेश मंत्री का पद संभाला था। पद संभालने के बाद यह उनका पहला भारतीय दौरा है। वे यहां पहली बार जयशंकर से मुलाकात करेंगे।
India-china News: भले की पाकिस्तान चीन का पिट्ठू हो, लेकिन उसे पता चल गया है कि अफगानिस्तान में भारत के बिना काम नहीं चलेगा। इसलिए चीन ने अफगानिस्तान के लिए विशेष दूत भारत भेजा है।
16th Round of India-China Military Talks: भारत और चीन के बीच हुई 16वें दौर की सैन्य वार्ता के दौरान पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों को हल करने को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
India China: भारत और चीन के बीच आज 16वें दौर की बैठक शुरू हुई। यह बातचीत लद्दाख में हो रही है। कमांडर स्तर की इस बातचीत में भारत डेपसांग और डेमचोक के मुद्दों के समाधान के अलावा सभी फ्रिक्शन पॉइंट्स पर जल्द सैनिकों को हटाने के लिए चीन पर दबाव डालेगा।
करीब 13 घंटे तक चली बैठक के एक दिन बाद, दोनों पक्षों ने शनिवार को एक संयुक्त बयान में एक बार फिर से कहा कि इस तरह का एक समाधान पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति एवं स्थिरता बहाल करने में मदद करेगा तथा द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को सुगम करेगा।
चीन का यह लेख साफ बताता है कि भारत के दबाव के आगे वह बौखला गया है और इसी बैखलाहट में उसने लेख में यह भी लिखा है कि अमेरिका तथा चीन के बीच बिगड़े रिश्तों का फायदा भारत उठाना चाहता है।
भारत और चीन के बीच उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता का एक और दौर आज होगा, जिसमें पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले शेष बिंदुओं से सैनिकों की वापसी प्रक्रिया में कुछ आगे बढ़ने पर ध्यान दिया जाएगा।
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