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भारत के KAL ड्रोन का पोखरण में सफल परीक्षण, 1000 KM तक मार करने की क्षमता

 Reported By: Manish Prasad,  Written By: Malaika Imam
 Published : Sep 21, 2026 01:57 pm IST,  Updated : Sep 21, 2026 01:57 pm IST

भारत में बने KAL लॉन्ग-रेंज अटैक ड्रोन ने पोखरण में सफल परीक्षण पूरा किया है। इसे 1,000 किमी तक की दूरी तक हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 50 किलो तक का पेलोड ले जाने की क्षमता है।

पोखरण में KAL ड्रोन का सफल परीक्षण- India TV Hindi
पोखरण में KAL ड्रोन का सफल परीक्षण Image Source : REPORTER

भारत में तैयार किए गए KAL लॉन्ग-रेंज अटैक ड्रोन ने राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण पूरा किया है। इस ड्रोन को नोएडा की कंपनी IG Defence ने डिजाइन और विकसित किया है। कंपनी के मुताबिक, यह परीक्षण भारत की लंबी दूरी तक हमला करने वाले स्वदेशी ड्रोन बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

1,000 किमी तक उड़ सकता है KAL

कंपनी के अनुसार, KAL ड्रोन को 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने के लिए बनाया गया है। यह करीब 7 से 8 घंटे तक उड़ान भर सकता है और इसमें 50 किलो तक का पेलोड ले जाने की क्षमता है।

यह ड्रोन समुद्र तल से करीब 5,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता है। इसमें GNSS और INS जैसी नेविगेशन तकनीक लगाई गई है, जिससे यह अपने मिशन के दौरान खुद रास्ता तय कर सकता है।

किन लक्ष्यों के लिए बनाया गया है?

KAL को तय किए गए लक्ष्यों पर सटीक हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, मिशन के हिसाब से इसका इस्तेमाल बुनियादी ढांचे, रडार, एयर-डिफेंस सिस्टम और दूसरे रणनीतिक लक्ष्यों के खिलाफ किया जा सकता है।

लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन हाल के युद्धों में काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में Shahed-136 और Geran-2 जैसे ड्रोन का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया गया है। इन ड्रोन ने दिखाया है कि कम लागत वाले मानवरहित सिस्टम भी लंबी दूरी तक हमला कर सकते हैं।

KAL को कहां इस्तेमाल किया जा सकता है?

KAL, IG Defence के Grid Strike पोर्टफोलियो का हिस्सा है। इसे कंपनी के GRID Battle Management System से भी जोड़ा जा सकता है। यह सिस्टम अलग-अलग मानवरहित प्लेटफॉर्म और युद्धक्षेत्र से मिलने वाली जानकारी को एक साथ मैनेज करने के लिए बनाया गया है।

पोखरण में हुए परीक्षण में ड्रोन के एयरफ्रेम, इंजन, एवियोनिक्स, नेविगेशन और दूसरे सिस्टम को एक साथ जांचा गया।

T-Shul BEAM ने 5 ड्रोन किए निष्क्रिय

IG Defence ने इसी दौरान अपने T-Shul BEAM एंटी-ड्रोन सिस्टम का भी प्रदर्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस सिस्टम ने एक साथ पांच विदेशी मूल के ड्रोन को निष्क्रिय किया।

T-Shul BEAM एक ऐसा सिस्टम है जिसे एक व्यक्ति लेकर चल सकता है। यह ड्रोन को सीधे मारकर नष्ट करने के बजाय उसकी कम्युनिकेशन और नेविगेशन जैसी इलेक्ट्रॉनिक लिंक में रुकावट डालकर उसे निष्क्रिय करता है।

यानी, KAL जहां लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता वाला ड्रोन है, वहीं T-Shul BEAM दुश्मन के ड्रोन से बचाव के लिए बनाया गया सिस्टम है।

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